जसपुर: फर्जी राशन कार्ड बना कर राशन की कालाबाजारी के मामले में सुनवाई करते हुए शुक्रवार को नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार को 1 सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब कोर्ट में पेश करने के आदेश दिया है.
आपको बता दें कि जसपुर निवासी सरदार खान ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कि है. जिसमें उन्होंने जसपुर के मनोरथ पुर गांव में उमर खान नाम के व्यक्ति पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उमर खान 2008 से सस्ते गल्ले की दुकान चला रहा है. उमर खान ने भोगपुर गांव में करीब 40 मुस्लिम परिवारों के नाम पर राशन कार्ड बनवाए हैं. लेकिन भोगपुर गांव में कोई मुस्लिम परिवार नहीं रहता है. सभी राशन कार्ड फर्जी हैं. जिसके चलते आरोपी 2008 से गरीबों को मिलने वाले राशन की कालाबाजारी कर रहा है.
जिसके बाद ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की जिसके बाद जिलाधिकारी ने मामले में जांच करवाई. डीएम द्वारा कराई गई जांच में भी स्पष्ट हुआ कि उमर खान द्वारा करीब 191 फर्जी राशन कार्ड बनवाए गए हैं और 2008 से लगातार वह इन राशन कार्ड से राशन ले रहा है. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम द्वारा रिपोर्ट के आधार पर राशन के पैसे वसूलने के आदेश दिए गए थे. लेकिन डीएम के आदेश का आज तक कोई पालन नहीं हुआ और ना ही दुकानदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई.
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जिसके बाद सरदार खान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की जिसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने राज्य सरकार को 1 सप्ताह के भीतर अपना जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं.