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सिद्धपीठ मां धारी देवी: शिफ्टिंग को लेकर अभी तय नहीं हुई तारीख, लंबे समय से अटका पड़ा है मामला - धारी देवी मंदिर की मूर्ति की शिफ्टिंग

सिद्धपीठ मां धारी देवी मंदिर की मूर्ति की शिफ्टिंग को लेकर अभीतक कोई निर्णय नहीं लिया गया है. कई बैठकों के बाद भी मूर्ति की शिफ्टिंग की तारीख तय नहीं हो पाई है.

Siddhpeeth Maa Dhari Devi
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Published : Jun 8, 2022, 6:18 PM IST

Updated : Jun 8, 2022, 10:19 PM IST

श्रीनगर: चारधामों की रक्षक देवी कह जाने वाली सिद्धपीठ मां धारी देवी मंदिर की मूर्ति की शिफ्टिंग को लेकर अभी तक तिथि तय नहीं हो पायी है. लंबे समय से मंदिर के पुजारी मूर्ति की शिफ्टिंग की मांग कर रहे हैं. इस संदर्भ में विगत कुछ दिनों पहले कैबिनेट मंत्री और श्रीनगर विधायक डॉ धन सिंह रावत ने मंदिर के पुजारियों, जीवीके कंपनी और स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक आहुत कर एक सप्ताह के भीतर मूर्ति की शिफ्टिंग किए जाने तिथि तय करने के निर्देश दिए गये थे, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी शिफ्टिंग की तय नहीं हो पाई है.

बता दें कि 16 जून 2013 को आई केदारनाथ आपदा से ठीक पहले धारी देवी की मूर्ति को प्राचीन मंदिर से अपलिफ्ट कर वहां से हटा दिया गया था. बाद में मूल स्थान पर फिर से मंदिर का निर्माण कराया गया, लेकिन आठ साल बाद भी मां धारी देवी की मूर्ति अस्थाई मंदिर में स्थापित है.

लंबे समय से अटका पड़ा है मामला.
पढ़ें- गैरसैंण में सत्र न होने से बिफरे हरदा, पूछा- कहां हैं वो जागर लगाने वाले? कुंजवाल को भी घसीटा

इससे पूर्व भी मूर्ति की शिफ्टिंग को लेकर तिथि तय किए जाने को लेकर धारी देवी मंदिर प्रांगण में बदरी केदार मंदिर समिति के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई. जिसमें धारी देवी की मूर्ति को उसके मूल मंदिर में स्थापित करने के लिए 6 अप्रैल का दिन तय किया गया था.

वहीं, मंदिर के मुख्य पुजारी लक्ष्मी प्रसाद पांडेय ने बताया कि कंपनी द्वारा मंदिर को धारी देवी न्यास को अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया है. जिसके कारण मूर्ति की शिफ्टिंग की तिथि तय नहीं हो पा रही है. मंदिर की देखरेख, मरम्मत और सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी की लेनी होगी.

श्रीनगर: चारधामों की रक्षक देवी कह जाने वाली सिद्धपीठ मां धारी देवी मंदिर की मूर्ति की शिफ्टिंग को लेकर अभी तक तिथि तय नहीं हो पायी है. लंबे समय से मंदिर के पुजारी मूर्ति की शिफ्टिंग की मांग कर रहे हैं. इस संदर्भ में विगत कुछ दिनों पहले कैबिनेट मंत्री और श्रीनगर विधायक डॉ धन सिंह रावत ने मंदिर के पुजारियों, जीवीके कंपनी और स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक आहुत कर एक सप्ताह के भीतर मूर्ति की शिफ्टिंग किए जाने तिथि तय करने के निर्देश दिए गये थे, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी शिफ्टिंग की तय नहीं हो पाई है.

बता दें कि 16 जून 2013 को आई केदारनाथ आपदा से ठीक पहले धारी देवी की मूर्ति को प्राचीन मंदिर से अपलिफ्ट कर वहां से हटा दिया गया था. बाद में मूल स्थान पर फिर से मंदिर का निर्माण कराया गया, लेकिन आठ साल बाद भी मां धारी देवी की मूर्ति अस्थाई मंदिर में स्थापित है.

लंबे समय से अटका पड़ा है मामला.
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इससे पूर्व भी मूर्ति की शिफ्टिंग को लेकर तिथि तय किए जाने को लेकर धारी देवी मंदिर प्रांगण में बदरी केदार मंदिर समिति के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई. जिसमें धारी देवी की मूर्ति को उसके मूल मंदिर में स्थापित करने के लिए 6 अप्रैल का दिन तय किया गया था.

वहीं, मंदिर के मुख्य पुजारी लक्ष्मी प्रसाद पांडेय ने बताया कि कंपनी द्वारा मंदिर को धारी देवी न्यास को अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया है. जिसके कारण मूर्ति की शिफ्टिंग की तिथि तय नहीं हो पा रही है. मंदिर की देखरेख, मरम्मत और सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी की लेनी होगी.

Last Updated : Jun 8, 2022, 10:19 PM IST
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