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CM धामी के लिए सेफ सीट ढूंढने की कवायद शुरू, कांग्रेस में सेंधमारी की भी संभावना

उत्तराखंड बीजेपी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए अभी से सेफ सीट ढूंढनी शुरू कर दी है. कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी उपचुनाव के लिए सीएम धामी के लिए कांग्रेस के बेड़े में सेंधमारी कर सकती है. हालांकि, कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी गलतफहमी में है.

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Published : Mar 25, 2022, 5:38 PM IST

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भले ही पार्टी हाईकमान का आशीर्वाद पाने में कामयाब हो गए हों लेकिन उनकी अभी अगली चुनौती 6 महीने में विधानसभा चुनाव से चुनकर आने की होगी. यूं तो मुख्यमंत्री के लिए सेफ सीट ढूंढने की कोशिशें शुरू हो गई है, लेकिन खबर है कि कांग्रेसी बेड़े पर भी भाजपा सीट को लेकर सेंधमारी कर सकती है. लिहाजा, आगामी उपचुनाव न केवल मुख्यमंत्री के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है बल्कि कांग्रेस के लिए भी अपने आंकड़ों को बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती होगा.

उत्तराखंड कांग्रेस में जिस तरह हार के बाद गदर मचा हुआ है. उससे पार्टी मे हालात और भी खराब होते हुए दिखाई दे रहे हैं. वैसे तो भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है और फिलहाल दलबदल की संभावनाओं की कोई उम्मीद नहीं है लेकिन आगामी उपचुनाव को लेकर किसी एक सीट पर ऐसी संभावनाएं दिखाई दे सकती हैं. खबर आ रही है कि कुमाऊं की ही किसी कांग्रेसी सीट पर भाजपा की निगाहें हैं और सब कुछ ठीक रहा तो भाजपा उपचुनाव के लिए कांग्रेस के खेमे में सेंधमारी कर सकती है.

CM धामी के लिए सेफ सीट ढूंढने की कवायद शुरू.

हालांकि, भाजपा की तरफ से इसको लेकर वैसे तो इनकार किया जा रहा है लेकिन फिर यह कहकर उन संभावनाओं को जन्म देने की भी कोशिश की जा रही है कि अगर कांग्रेस का कोई विधायक अपनी इच्छा से सीट छोड़ना है, तो भाजपा ऐसे विधायक का स्वागत करने के लिए भी तैयार है.

वैसे तो मुख्यमंत्री के पास अभी 6 महीने का वक्त है. इस दौरान उन्हें किसी सीट का चुनाव करने के साथ यहां पर अपनी मजबूत स्थिति को भी दर्ज कराना होगा लेकिन जानकार मानते हैं कि एक मुख्यमंत्री के तौर पर चुनाव लड़ने के चलते उनकी राह इतनी कठिन भी नहीं होगी. इससे अलग अब चुनौती कांग्रेस के लिए भी है कि वह एक तरफ उपचुनाव में अपना बेहतर प्रदर्शन करके दिखाएं. दूसरी तरफ अपने मौजूदा आंकड़े को भी कायम रखें.
पढ़ें- यूनिफॉर्म सिविल कोड पर प्रीतम सिंह ने सरकार को घेरा, बोले- जनता को मूल मुद्दों से भटका रही भाजपा

फिलहाल, कहा जा रहा है कि कांग्रेस में कुछ विधायक भाजपा के संपर्क में आ सकते हैं. ऐसा हुआ तो कांग्रेस को अपने एक और विधायक से हाथ धोना पड़ सकता है. बहरहाल, अब चुनौती इस बात की है कि कांग्रेस मौजूदा 19 विधायक के आंकड़े को बरकरार रखकर उपचुनाव की चुनौती को स्वीकार करें. पार्टी की युवा नेता अनुकृति कहती हैं कि यह भाजपा की गलतफहमी है कि कांग्रेस से कोई भी पार्टी छोड़ने जा रहा है. वो कहती हैं कि भाजपा के पास 47 विधायक हैं. वह चाहे तो किसी भी विधायक से सीट खाली करवा सकते हैं. ऐसे भी उन्हें कांग्रेस के घर पर निगाह नहीं डालनी चाहिए.

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भले ही पार्टी हाईकमान का आशीर्वाद पाने में कामयाब हो गए हों लेकिन उनकी अभी अगली चुनौती 6 महीने में विधानसभा चुनाव से चुनकर आने की होगी. यूं तो मुख्यमंत्री के लिए सेफ सीट ढूंढने की कोशिशें शुरू हो गई है, लेकिन खबर है कि कांग्रेसी बेड़े पर भी भाजपा सीट को लेकर सेंधमारी कर सकती है. लिहाजा, आगामी उपचुनाव न केवल मुख्यमंत्री के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है बल्कि कांग्रेस के लिए भी अपने आंकड़ों को बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती होगा.

उत्तराखंड कांग्रेस में जिस तरह हार के बाद गदर मचा हुआ है. उससे पार्टी मे हालात और भी खराब होते हुए दिखाई दे रहे हैं. वैसे तो भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है और फिलहाल दलबदल की संभावनाओं की कोई उम्मीद नहीं है लेकिन आगामी उपचुनाव को लेकर किसी एक सीट पर ऐसी संभावनाएं दिखाई दे सकती हैं. खबर आ रही है कि कुमाऊं की ही किसी कांग्रेसी सीट पर भाजपा की निगाहें हैं और सब कुछ ठीक रहा तो भाजपा उपचुनाव के लिए कांग्रेस के खेमे में सेंधमारी कर सकती है.

CM धामी के लिए सेफ सीट ढूंढने की कवायद शुरू.

हालांकि, भाजपा की तरफ से इसको लेकर वैसे तो इनकार किया जा रहा है लेकिन फिर यह कहकर उन संभावनाओं को जन्म देने की भी कोशिश की जा रही है कि अगर कांग्रेस का कोई विधायक अपनी इच्छा से सीट छोड़ना है, तो भाजपा ऐसे विधायक का स्वागत करने के लिए भी तैयार है.

वैसे तो मुख्यमंत्री के पास अभी 6 महीने का वक्त है. इस दौरान उन्हें किसी सीट का चुनाव करने के साथ यहां पर अपनी मजबूत स्थिति को भी दर्ज कराना होगा लेकिन जानकार मानते हैं कि एक मुख्यमंत्री के तौर पर चुनाव लड़ने के चलते उनकी राह इतनी कठिन भी नहीं होगी. इससे अलग अब चुनौती कांग्रेस के लिए भी है कि वह एक तरफ उपचुनाव में अपना बेहतर प्रदर्शन करके दिखाएं. दूसरी तरफ अपने मौजूदा आंकड़े को भी कायम रखें.
पढ़ें- यूनिफॉर्म सिविल कोड पर प्रीतम सिंह ने सरकार को घेरा, बोले- जनता को मूल मुद्दों से भटका रही भाजपा

फिलहाल, कहा जा रहा है कि कांग्रेस में कुछ विधायक भाजपा के संपर्क में आ सकते हैं. ऐसा हुआ तो कांग्रेस को अपने एक और विधायक से हाथ धोना पड़ सकता है. बहरहाल, अब चुनौती इस बात की है कि कांग्रेस मौजूदा 19 विधायक के आंकड़े को बरकरार रखकर उपचुनाव की चुनौती को स्वीकार करें. पार्टी की युवा नेता अनुकृति कहती हैं कि यह भाजपा की गलतफहमी है कि कांग्रेस से कोई भी पार्टी छोड़ने जा रहा है. वो कहती हैं कि भाजपा के पास 47 विधायक हैं. वह चाहे तो किसी भी विधायक से सीट खाली करवा सकते हैं. ऐसे भी उन्हें कांग्रेस के घर पर निगाह नहीं डालनी चाहिए.

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