देहरादून: उत्तराखंड में आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दूसरे कार्यकाल का शपथ ग्रहण हुआ. इसमें सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. धामी मंत्रिमंडल में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल सहित तीन नए चेहरों को भी जगह दी गयी है. मंत्रिमंडल में स्थान पाने वाले दो अन्य नए चेहरे सौरभ बहुगुणा और चंदन रामदास हैं. सौरभ पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के पुत्र हैं. आइए धामी सरकार में शामिल किए गए इन तीन नये चहरों को बारे में आपको बताते हैं
प्रेमचंद अग्रवाल: प्रेमचंद अग्रवाल चौथी विधानसभा में स्पीकर थे. स्पीकर पद के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में एकमात्र नामांकन उन्होंने ही किया था. तत्कालीन प्रोटेम स्पीकर हरबंस कपूर ने सदन में उनके स्पीकर बनने की घोषणा की थी. ऋषिकेश से लगातार तीन बार के विधायक अग्रवाल 2015 में उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ विधायक भी चुने गए थे. संघ पृष्ठभूमि के अग्रवाल छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे. वह डीएवी पीजी कालेज देहरादून के महासचिव भी रहे. उनके पिता मांगेराम के मार्गदर्शन ने उन्हें संघ शाखा में जाने को प्रेरित किया. प्रेमचंद अग्रवाल उत्तराखंड आंदोलन में भी शामिल रहे.
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वर्ष 2007 में वह ऋषिकेश विधानसभा से पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते. सरकार ने उन्हें संसदीय सचिव की जिम्मेदारी दी. इसके बाद उन्हें 2012 में फिर भाजपा ने प्रत्याशी बनाया. इसमें वह फिर विजयी रहे. वर्ष 2015 में राज्य सरकार ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का सम्मान भी दिया. 2017 के चुनाव में वह तीसरी बार ऋषिकेश के विधायक बने. अग्रवाल ने एमकॉम और एलएलबी किया है. वह वालीबॉल के खिलाड़ी रह चुके हैं. छात्र जीवन में उन्होंने कई राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया. राजनीतिक प्रोफाइल पर नजर डालें तो प्रेमचंद अग्रवाल वर्ष 1995 में देहरादून जिलाध्यक्ष बने. भाजपा सरकार के समय वह गढ़वाल मंडल विकास निगम के अध्यक्ष भी रहे.
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पढ़ें- धामी मंत्रिमंडल में बागेश्वर MLA चंदन राम दास को मिली जगह, 2007 से लगातार जीते चुनाव
चंदनराम दास: बागेश्वर के चार बार के विधायक चंदनराम दास पहली बार उत्तराखंड कैबिनेट में शामिल हो गए हैं. उन्होंने 2007 में अपना पहला चुनाव लड़ा. बागेश्वर सीट से ही विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे. इसके बाद चंदन राम दास लगातार विधायक चुनते आ रहे हैं. मंत्री चंदन राम दास अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट विधानसभा के बिचलादौरा विकासखंड के ग्राम कांडे सुरईखेत पट्टी में 10 अगस्त 1957 में जन्मे चंदन राम दास के पिता का नाम स्वर्गीय रतन राम एवं माता का का नाम स्वर्गीय पार्वती देवी था. चंदन राम दास की प्राथमिक शिक्षा ग्राम कांडे में ही हुई. माध्यमिक व उच्च शिक्षा एमबी इंटर कॉलेज व एमबी डिग्री कॉलेज हल्द्वानी नैनीताल में हुई. चंदन राम दास के 2 पुत्र व 2 पुत्रियां हैं.
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राजनीतिक सफरः मंत्री चंदन राम दास ने उच्च शिक्षा ग्रहण कर खादी ग्रामोद्योग आयोग मुंबई के नासिक से 1 वर्षीय प्रबंधकीय डिप्लोमा लेकर खादी व ग्रामोद्योग के माध्यम से 1980 में बागेश्वर आकर विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के माध्यम से सामाजिक क्षेत्र से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. 1980 से 1997 तक विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के साथ जुड़कर शिक्षा के क्षेत्र में समाज कल्याण के क्षेत्र में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग के लिए संघर्ष किया. इसी के फल स्वरुप 1997 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नगर पालिका परिषद बागेश्वर के अध्यक्ष के रूप में चुनाव जीता. 5 साल बागेश्वर में अभूतपूर्व कार्य किए, जिसे आज भी लोग याद करते हैं.
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सौरभ बहुगुणा: सितारगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं. वे पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं. सौरभ के दादा हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तर प्रदेश और पिता विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे. विजय बहुगुणा मार्च 2012 से जनवरी 2014 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे. उनकी बुआ यानी डॉ रीता बहुगुणा जोशी भी उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा चेहरा हैं. रीता जोशी यूपी कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी हैं.
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बाद में रीता जोशी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई. इसके कुछ दिनों बाद ही विजय बहुगुणा भी भाजपा में आ गए. विजय बहुगुणा के बेटे सौरभ बहुगुणा ने 2017 में पहली बार सितारगंज से चुनाव जीता. इस बार भी वह वह सितारगंज से विधायक चुने गए हैं. पहली बार उन्हें धामी सरकार में मंत्री पद मिला है.
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