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मसूरी में कीन संस्था की तानाशाही, महिला सफाई कर्मियों को किया सस्पेंड, जानिए मामला

मसूरी में सफाई कर्मचारियों द्वारा शासनादेश के तहत मानदेय मांगने पर कीन संस्था ने तुगलकी फरमान सुनाया है. संस्था ने प्रदर्शन करने वाली महिला सफाई कर्मचारियों को एक हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिया है.

Cleaners suspended in mussoorie
मसूरी सफाई कर्मचारी
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Published : Sep 8, 2022, 6:54 AM IST

Updated : Sep 8, 2022, 6:59 AM IST

मसूरी: नगर पालिका मसूरी में सफाई व्यवस्था का कार्य देख रही कीन संस्था ने सफाई कर्मचारियों को तुगलकी फरमान सुनाया है. दरअसल, सफाई कर्मचारियों ने वेतनमान बढ़ाए जाने को लेकर 1 सितंबर को नगर पालिका परिसर में प्रदर्शन किया गया था. इससे कंपनी प्रबंधन नाराज हो गया. कीन संस्था ने प्रदर्शनकारी महिला कर्मचारियों के लिए तुगलकी फरमान जारी किया है. कीन संस्था ने प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को 1 हफ्ते के लिए सस्पेंड (Cleaners suspended in mussoorie) कर दिया है.

कीन संस्था ने स्टांप पेपर में दोबारा से प्रदर्शन ना करने का लिखित में आश्वासन देने के आदेश जारी किये हैं. इसके विरोध में मसूरी वाल्मीकि समाज उत्थान सभा और उत्तराखंड देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सस्पेंड कर्मचारियों के साथ मसूरी की कीन संस्था के कार्यालय पहुंचे और जमकर विरोध किया.

मसूरी में कीन संस्था की तानाशाही

वहीं, कर्मचारियों को समर्थन देने पहुंचे पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल और भाजपा महामंत्री कुशाल राणा ने भी कीन सस्था द्वारा जारी तुगलगी फरमान की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि कीन संस्था हिटलरशाही अपनाकर कर्मचारियों का शोषण कर रही है. 1 अप्रैल 2022 को प्रदेश सरकार द्वारा डेली वेजेस कर्मचारियों का मानदेय 500 रुपए कर दिया गया है, जो पूरे उत्तराखंड में लागू हो चुका है. परन्तु नगर पालिका प्रशासन द्वारा उसको लागू नहीं किया गया जो दुर्भाग्यपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकार की लड़ाई लड़ने का पूरा अधिकार है. ऐसे में उनके अधिकारों का हनन होगा तो उसका पुरजोर तरीके से विरोध किया जायेगा. वाल्मीकि समाज उत्थान सभा के अध्यक्ष निरंजन लाल ने कहा कि कीन संस्था द्वारा कर्मचारियों का शोषण कर उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि अपने संविधान के तहत सभी को अपने अधिकारों की रक्षा करने का हक है. उसी को लेकर शासन द्वारा ₹500 डेली वेजेस के कर्मचारियों को दिए जाने का शासनादेश किया गया है. परंतु अभी तक कीन संस्था द्वारा कर्मचारियों को ₹270 ही प्रतिमाह दिया जा रहा है, जिसका कर्मचारियों द्वारा विरोध किया गया था.
पढ़ें- UKSSSC धांधली में CM धामी के एक्शन की युवती ने की तारीफ, जानिए मुख्यमंत्री ने क्या दिया जवाब

उन्होंने कहा कि अगर कीन संस्था द्वारा कमर्चारियों को लेकर जारी तुगलकी फरमान वापस नहीं लिया जाता और कर्मचारियों को लेकर जारी शासनादेश लागू नहीं किया जाता है, तो समस्त सफाई कर्मचारी इसका पुरजोर विरोध कर कार्य बहिष्कार करेंगे.

इस मामले में कीन संस्था के सुपरवाइजर अशोक कुमार ने कहा कि कर्मचारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर बिना संस्था को बताए नगर पालिका में वेतनमान बढ़ाए जाने को लेकर प्रदर्शन किया गया था, जो नियम विरुद्ध है. ऐसे में कर्मचारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों और कुछ जनप्रतिनिधियों के द्वारा कर्मचारियों को दिये गए नोटिस को वापस लेने की मांग की गई है. ऐसे में वह अपने उच्च अधिकारियों से वार्ता करेंगे जिससे कि कर्मचारियों और संस्था के बीच उपजे विवाद को समाप्त किया जा सके.

मसूरी: नगर पालिका मसूरी में सफाई व्यवस्था का कार्य देख रही कीन संस्था ने सफाई कर्मचारियों को तुगलकी फरमान सुनाया है. दरअसल, सफाई कर्मचारियों ने वेतनमान बढ़ाए जाने को लेकर 1 सितंबर को नगर पालिका परिसर में प्रदर्शन किया गया था. इससे कंपनी प्रबंधन नाराज हो गया. कीन संस्था ने प्रदर्शनकारी महिला कर्मचारियों के लिए तुगलकी फरमान जारी किया है. कीन संस्था ने प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को 1 हफ्ते के लिए सस्पेंड (Cleaners suspended in mussoorie) कर दिया है.

कीन संस्था ने स्टांप पेपर में दोबारा से प्रदर्शन ना करने का लिखित में आश्वासन देने के आदेश जारी किये हैं. इसके विरोध में मसूरी वाल्मीकि समाज उत्थान सभा और उत्तराखंड देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सस्पेंड कर्मचारियों के साथ मसूरी की कीन संस्था के कार्यालय पहुंचे और जमकर विरोध किया.

मसूरी में कीन संस्था की तानाशाही

वहीं, कर्मचारियों को समर्थन देने पहुंचे पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल और भाजपा महामंत्री कुशाल राणा ने भी कीन सस्था द्वारा जारी तुगलगी फरमान की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि कीन संस्था हिटलरशाही अपनाकर कर्मचारियों का शोषण कर रही है. 1 अप्रैल 2022 को प्रदेश सरकार द्वारा डेली वेजेस कर्मचारियों का मानदेय 500 रुपए कर दिया गया है, जो पूरे उत्तराखंड में लागू हो चुका है. परन्तु नगर पालिका प्रशासन द्वारा उसको लागू नहीं किया गया जो दुर्भाग्यपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकार की लड़ाई लड़ने का पूरा अधिकार है. ऐसे में उनके अधिकारों का हनन होगा तो उसका पुरजोर तरीके से विरोध किया जायेगा. वाल्मीकि समाज उत्थान सभा के अध्यक्ष निरंजन लाल ने कहा कि कीन संस्था द्वारा कर्मचारियों का शोषण कर उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि अपने संविधान के तहत सभी को अपने अधिकारों की रक्षा करने का हक है. उसी को लेकर शासन द्वारा ₹500 डेली वेजेस के कर्मचारियों को दिए जाने का शासनादेश किया गया है. परंतु अभी तक कीन संस्था द्वारा कर्मचारियों को ₹270 ही प्रतिमाह दिया जा रहा है, जिसका कर्मचारियों द्वारा विरोध किया गया था.
पढ़ें- UKSSSC धांधली में CM धामी के एक्शन की युवती ने की तारीफ, जानिए मुख्यमंत्री ने क्या दिया जवाब

उन्होंने कहा कि अगर कीन संस्था द्वारा कमर्चारियों को लेकर जारी तुगलकी फरमान वापस नहीं लिया जाता और कर्मचारियों को लेकर जारी शासनादेश लागू नहीं किया जाता है, तो समस्त सफाई कर्मचारी इसका पुरजोर विरोध कर कार्य बहिष्कार करेंगे.

इस मामले में कीन संस्था के सुपरवाइजर अशोक कुमार ने कहा कि कर्मचारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर बिना संस्था को बताए नगर पालिका में वेतनमान बढ़ाए जाने को लेकर प्रदर्शन किया गया था, जो नियम विरुद्ध है. ऐसे में कर्मचारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों और कुछ जनप्रतिनिधियों के द्वारा कर्मचारियों को दिये गए नोटिस को वापस लेने की मांग की गई है. ऐसे में वह अपने उच्च अधिकारियों से वार्ता करेंगे जिससे कि कर्मचारियों और संस्था के बीच उपजे विवाद को समाप्त किया जा सके.

Last Updated : Sep 8, 2022, 6:59 AM IST
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