चेन्नई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चेन्नई में पूरी हो चुकी कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और कई नई योजनाओं की आधारशिला रखी. प्रधानमंत्री ने राज्यपाल आरएन रवि, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की उपस्थिति में 2,960 करोड़ रुपये से अधिक की पांच परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 116 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लाइट हाउस प्रोजेक्ट-चेन्नई के हिस्से के रूप में निर्मित 1,152 घरों का भी उद्घाटन किया गया.
साथ ही प्रधानमंत्री ने 75 किलोमीटर लंबी मदुरै-तेनी रेल आमान परिवर्तन परियोजना सहित विभिन्न रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया. 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित यह परियोजना पहुंच की सुविधा प्रदान करेगी और इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने यहां तांबरम और चेंगलपट्टू के बीच 30 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन भी समर्पित की, जिसे लगभग 590 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. इसका उद्देश्य अधिक उपनगरीय सेवाओं के संचालन को सुविधाजनक बनाना है.
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#WATCH | Sri Lanka is going through difficult times. I am sure you all are concerned about it. As a close friend and neighbour of Sri Lanka, India is providing financial support, support of fuel, food, medicines and other essential items to the country...: PM Modi in Chennai pic.twitter.com/L84hHBB2Mc
— ANI (@ANI) May 26, 2022 " class="align-text-top noRightClick twitterSection" data="
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— ANI (@ANI) May 26, 2022#WATCH | Sri Lanka is going through difficult times. I am sure you all are concerned about it. As a close friend and neighbour of Sri Lanka, India is providing financial support, support of fuel, food, medicines and other essential items to the country...: PM Modi in Chennai pic.twitter.com/L84hHBB2Mc
— ANI (@ANI) May 26, 2022
यहां जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में पांच रेल स्टेशनों- चेन्नई एग्मोर, रामेश्वरम, मदुरै, काटपाडी और कन्याकुमारी के पुनर्विकास के लिए आधारशिला रखी. यह परियोजना 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पूरी की जाएगी, और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करके यात्रियों की सुविधा और आराम को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है.
इस अवसर पर मोदी ने तमिलनाडु की सराहना एक विशेष स्थान के रूप में की और तमिल भाषा को शाश्वत तथा तमिल संस्कृति को वैश्विक बताया. अपने संबोधन में मोदी ने तमिल की प्रशंसा में राष्ट्रवादी कवि सुब्रमण्य भारती की एक लोकप्रिय कविता का जिक्र किया और कहा कि हर क्षेत्र में तमिलनाडु के किसी व्यक्ति ने अग्रणी भूमिका निभाने का कार्य किया. मोदी ने कहा कि हाल में उन्होंने अपने आवास पर भारतीय डीफलिंपिक दल की मेजबानी की थी. उन्होंने कहा कि इस बार टूर्नामेंट में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था.
प्रधानमंत्री ने कहा, क्या आप जानते हैं कि हमने जो 16 पदक जीते हैं, उनमें से छह पदकों में तमिलनाडु के एक युवा खिलाड़ी की भूमिका थी और यह टीम के लिए सबसे अच्छे योगदान में शामिल है. उन्होंने अपने वाराणसी निर्वाचन क्षेत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सुब्रमण्य भारती पीठ और केंद्र द्वारा केंद्रीय तमिल शास्त्रीय संस्थान का पूर्ण वित्त पोषण किए जाने का उल्लेख किया. राष्ट्रीय शिक्षा नीति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी और चिकित्सा पाठ्यक्रम स्थानीय भाषाओं में चलाए जा सकते हैं तथा तमिलनाडु के युवा इससे लाभान्वित हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक रूप से संकटग्रस्त श्रीलंका को वित्तीय मदद के साथ-साथ ईंधन, भोजन, दवा और अन्य आवश्यक वस्तुओं सहित हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है. मोदी ने उल्लेख किया कि वह जाफना की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं.
वहीं, इस मौके पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि इस तरह की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं तमिलनाडु के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं और राज्य पहले से ही कई क्षेत्रों में देश में अग्रणी है. स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु का विकास पथ अद्वितीय है क्योंकि यह न केवल आर्थिक विकास के बारे में है, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता से प्रेरित समग्र समावेशी विकास के बारे में है, जो 'द्रविड़ मॉडल' है. सहकारी संघवाद पर जोर देते हुए, स्टालिन ने मांग की कि केंद्र सरकार तमिलनाडु में परियोजनाओं के लिए निधि बढ़ाए. स्टालिन ने अपने संबोधन में राज्य के लिए निधि में वृद्धि की मांग की और बताया कि तमिलनाडु का विकास अद्वितीय है क्योंकि यह न केवल आर्थिक मानकों पर बल्कि समावेशी विकास के ‘द्रविड़ मॉडल’ पर आधारित है.
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