वाराणसीः एक तरफ कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म कश्मीर फाइल्स सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है, वहीं इस तपती गर्मी में जम्मू-कश्मीर समेत लेह लद्दाख टूरिस्टों की पहली पसंद बन रही है. ताजे आंकड़े चौंकाने वाले इसलिए हैं क्योंकि पिछले दो दशक में पहाड़ी इलाकों में गर्मी की छुट्टियों में भी लोग जाना पसंद नहीं करते थे. इसके उलट अब श्रीनगर, जम्मू कश्मीर, लेह लद्दाख बनारसियों की पहली पसंद बन गई है. बात अगर आंकड़ों की करें तो सिर्फ वाराणसी और आसपास के जिलों से श्रीनगर और लेह लद्दाख टूर पैकेजिंग की बुकिंग फरवरी से ही हो रही है. देखें ये खास रिपोर्ट-
टूर एंड ट्रैवल कंपनी के अधिष्ठाता प्रदीप राय बताते हैं कि 100 में से 80 क्वेरी इन इलाकों से हो रही है. 25 प्रतिशत ट्रैफिक हिल स्टेशन जा रही है तो उसमें से लगभग 20 प्रतिशत लोग कश्मीर को पसंद कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इन इलाकों के बाद लगभग पांच-दस प्रतिशत लोग अन्य पहाड़ी इलाके जैसे मसूरी, नैनीताल, देहरादून की तरफ मुड़ रहे हैं, लेकिन पहली पसंद लोगों की कश्मीर बन रही है.
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टूरिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता का कहना है कि जम्मू कश्मीर में टूरिस्टों का बढ़ना खासकर वाराणसी से ट्रैफिक का जाना एक अच्छा संकेत है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव धारा 370 हटाने और लगातार आतंकवादियों के ऊपर कारवाई करने के कारण आया है. अब कश्मीर पहले से ज्यादा सेफ हो चुका है. वजह है कि लोग कश्मीर में दर्शन करने के साथ अन्य स्थानों पर भी घूमने का प्लान बना रहे हैं.
वाराणसी से कश्मीर और लेह लद्दाख का शुरू हुआ यह टूर पैकेज भले ही जम्मू कश्मीर के पर्यटन को मजबूत कर रहा हो, लेकिन जिस तरह से लोगों में डर खत्म होता दिखाई दे रहा है, उससे यही लगता है कि आने वाले समय में इसके कई फायदे हो सकते हैं. बड़ी बात यह है कि कश्मीर को लेकर अब आम जनमानस की भावना बदल रही है. वादियों की खूबसूरती लोगों को फिर से लुभा रही है.
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