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असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति पर भड़के BHU संस्कृत विभाग के छात्र

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Published : Nov 8, 2019, 9:40 AM IST

यूपी के वाराणसी में गुरुवार देर शाम सैकड़ों की संख्या में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्र वीसी आवास के सामने धरने पर बैठ गए. इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

संस्कृत विधा धर्म विज्ञान संकाय के छात्रों ने किया धरना प्रदर्शन

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गुरुवार को धरना और विरोध प्रदर्शन का दौर चला. यहां पिछले चार दिन से रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं तो वहीं देर शाम सैकड़ों की संख्या में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्र वीसी आवास के सामने धरने पर बैठ गए. इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति पर भड़के बीएचयू संस्कृत विभाग के छात्र.
छात्र पुनीत मिश्रा ने बताया कि हम सभी छात्र इसलिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में एक शिलापट्ट लगा हुआ है, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि 'संस्कृत महाविद्यालय का भवन केवल हिंदुओं और हिंदुओं के अंग प्रत्यय (सनातनी, आर्य समाज जैन बौद्ध तथा सिख आदि) के सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव, कीर्तन इतिहास और शास्त्रों की चर्चा और दूसरे संबंध रखने वाले देश-विदेश के नेताओं के व्याख्यान आदि के लिए है.

इसके अलावा गैर हिंदू प्रवेश और उपयोग सर्वदा वर्जित है. इस नियम के विरुद्ध हमारे साहित्य विभाग में एक प्रोफेसर की नियुक्ति हुई है, वह गैर हिंदू धर्म से ताल्लुक रखते हैं. ऐसे में हम महामना के मूल्यों का समर्थन करते हैं और वीसी सर से यह मांग करते हैं कि जल्द से जल्द उनको बर्खास्त किया जाए, नहीं तो हम लोग संकाय छोड़कर चले जाएंगे.

डॉ. राम नारायण द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्रों का आरोप है कि जो असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति हुई है यह चयन प्रक्रिया उचित नहीं है, जबकि ऐसी कोई बात नहीं है. चयन प्रक्रिया नियमानुसार हुई है. फिर भी छात्रों से प्रार्थना पत्र लिया गया है, जिसको हम चीफ प्रॉक्टर के साथ कुलपति महोदय के सामने प्रस्तुत करेंगे. एप्लीकेशन उनके सामने दिया जाएगा जो भी निर्णय लेना होगा वही लेंगे.

इसे भी पढ़ें-कॉलेज प्रशासन ने बढ़ा दी परीक्षा फीस, छात्रों ने प्रदर्शन कर निकाली खीझ

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गुरुवार को धरना और विरोध प्रदर्शन का दौर चला. यहां पिछले चार दिन से रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं तो वहीं देर शाम सैकड़ों की संख्या में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्र वीसी आवास के सामने धरने पर बैठ गए. इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति पर भड़के बीएचयू संस्कृत विभाग के छात्र.
छात्र पुनीत मिश्रा ने बताया कि हम सभी छात्र इसलिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में एक शिलापट्ट लगा हुआ है, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि 'संस्कृत महाविद्यालय का भवन केवल हिंदुओं और हिंदुओं के अंग प्रत्यय (सनातनी, आर्य समाज जैन बौद्ध तथा सिख आदि) के सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव, कीर्तन इतिहास और शास्त्रों की चर्चा और दूसरे संबंध रखने वाले देश-विदेश के नेताओं के व्याख्यान आदि के लिए है.

इसके अलावा गैर हिंदू प्रवेश और उपयोग सर्वदा वर्जित है. इस नियम के विरुद्ध हमारे साहित्य विभाग में एक प्रोफेसर की नियुक्ति हुई है, वह गैर हिंदू धर्म से ताल्लुक रखते हैं. ऐसे में हम महामना के मूल्यों का समर्थन करते हैं और वीसी सर से यह मांग करते हैं कि जल्द से जल्द उनको बर्खास्त किया जाए, नहीं तो हम लोग संकाय छोड़कर चले जाएंगे.

डॉ. राम नारायण द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्रों का आरोप है कि जो असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति हुई है यह चयन प्रक्रिया उचित नहीं है, जबकि ऐसी कोई बात नहीं है. चयन प्रक्रिया नियमानुसार हुई है. फिर भी छात्रों से प्रार्थना पत्र लिया गया है, जिसको हम चीफ प्रॉक्टर के साथ कुलपति महोदय के सामने प्रस्तुत करेंगे. एप्लीकेशन उनके सामने दिया जाएगा जो भी निर्णय लेना होगा वही लेंगे.

इसे भी पढ़ें-कॉलेज प्रशासन ने बढ़ा दी परीक्षा फीस, छात्रों ने प्रदर्शन कर निकाली खीझ

Intro:सर्व विद्या की राजधानी कहे जाने वाली काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आज धरना और विरोध प्रदर्शन का दौर चला यहां पिछले 4 दिन से रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं तो वहीं देर शाम सैकड़ों की संख्या में संस्कृत विधा धर्म विज्ञान संकाय के छात्र वीसी आवास के सामने धरने पर बैठ गए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया।


Body:छात्रों का आरोप है कि अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षक की नियुक्ति पूरी तरह केसे अवैधानिक है क्योंकि हमारे संकाय के शीला पट्ट लगा है। इसमें साफ-साफ लिखा है कि गैर हिंदू ही इस संकाय में आ सकते हैं ऐसे में अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षक की नियुक्ति कैसे कर दी गई। छात्रों में आक्रोश है छात्रों का कहना है कि जल्द से जल्द नियुक्ती को बर्खास्त किया गया।


Conclusion:छात्र पुनीत मिश्रा ने बताया हम लोगों का प्रोटेस्ट इसलिए हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत विधा धर्म विज्ञान संकाय में
एक सिला पट्ट लगा हुआ है जिस में साफ-साफ लिखा। "संस्कृत महाविद्यालय का भवन केवल हिंदुओं तथा हिंदुओं के अंग प्रत्यय( सनातनी, आर्य समाज जैन बौद्ध तथा सिख आदी) के सांस्कृतिक तथा धार्मिक उत्सव तथा कीर्तन इतिहास और शास्त्रों की चर्चा और दूसरे संबंध रखने वाले देश विदेश के नेता जी के व्याख्यान आदि के लिए है इसके अलावा गैर हिंदू प्रवेश और उपयोग सर्वदा वर्जित है। इस नियम के विरुद्ध हमारे साहित्य विभाग में एक प्रोफेसर की नियुक्ति हुई है वह गैर हिंदू धर्म से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में हम महामना के मूल्यों का समर्थन करते हैं और वीसी सर से यह मांग करते हैं कि जल्द से जल्द उनको बर्खास्त किया जाए नहीं तो हम लोग संकाय छोड़कर चले जाएंगे।

बाईट :-- पुनीत मिश्रा,छात्र

डॉ राम नारायण द्विवेदी ने बताया छात्रों का आरोप है कि जो असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति हुई है यह चयन प्रक्रिया उचित नहीं है। जबकि ऐसी कोई बात नहीं है। चयन प्रक्रिया पर नियमानुसार हुई है। फिर भी छात्रों से प्रार्थना पत्र दिया गया है जिसको हम चीफ प्रॉक्टर के साथ कुलपति महोदय के सामने प्रस्तुत करेंगे। एप्लीकेशन उनके सामने दिया जाएगा जो भी निर्णय लेना होगा वह लेंगे

बाईट :-- डॉ राम नारायण द्विवेदी, सदस्य प्रॉक्टोरियल बोर्ड काशी हिंदू विश्वविद्यालय


आशुतोष उपाध्याय
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