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सरकार ने कोर्ट को बताया, 20 जून तक सभी शहरों के नालों की हो जायेगी सफाई - हाईकोर्ट हिंदी समाचार

प्रदेश सरकार ने हलफनामा दाखिल कर इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि 20 जून तक प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में सभी नालों की सफाई कर दी जाएगी.

इलाहाबाद हाईकोर्ट
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Published : Jun 13, 2022, 10:36 PM IST

प्रयागराज: प्रदेश सरकार ने हलफनामा दाखिल कर इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि 20 जून तक प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में सभी नालों की सफाई कर दी जाएगी. इसके साथ ही 24 जून तक सभी 18 मंडलों में इसकी मॉनिटरिंग के लिए टीम गठित कर उसका औचक निरीक्षण किया जाएगा. यह देखा जाएगा कि कहां काम हुआ है और कहां नहीं हुआ है? जहां काम नहीं हुआ होगा उसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी. याचिका की अगली सुनवाई पांच जुलाई को होगी.

यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति चंद्र कुमार राय की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान ली गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है. सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने पक्ष रखा. जबकि, नगर निगम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी व विभू राय पेश हुए.

इसे भी पढ़ें-मोहम्मद जुबैर के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद करने से हाईकोर्ट का इंकार

कोर्ट ने पूछा है कि सफाई कर्मचारियों के लिए जो सुरक्षात्मक उपाय करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, उसका अनुपालन किया गया या नहीं. सरकार इसकी जांच कैसे करेगी, इसके लिए क्या उपाय किए गए हैं. इसके बारे में बताना होगा. कोर्ट ने यह भी पूछा है कि नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों के मानदेय के पुनर्निरीक्षण के लिए क्या-क्या उपाय किए गए हैं और सरकार ने इन्हें शिक्षित करने के लिए क्या कदम उठा रही है? इसके बारे में भी जानकारी देना होगा। कोर्ट ने मामले में नगर निगम प्रयागराज से भी अगली सुनवाई पर लोगों की शिकायतों के निस्तारण के लिए पोर्टल के संबंध में जानकारी दाखिल करने के लिए कहा है. अब इस जनहित याचिका की सुनवाई हाई कोर्ट 5 जुलाई को करेगी.

प्रयागराज: प्रदेश सरकार ने हलफनामा दाखिल कर इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि 20 जून तक प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में सभी नालों की सफाई कर दी जाएगी. इसके साथ ही 24 जून तक सभी 18 मंडलों में इसकी मॉनिटरिंग के लिए टीम गठित कर उसका औचक निरीक्षण किया जाएगा. यह देखा जाएगा कि कहां काम हुआ है और कहां नहीं हुआ है? जहां काम नहीं हुआ होगा उसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी. याचिका की अगली सुनवाई पांच जुलाई को होगी.

यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति चंद्र कुमार राय की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान ली गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है. सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने पक्ष रखा. जबकि, नगर निगम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी व विभू राय पेश हुए.

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कोर्ट ने पूछा है कि सफाई कर्मचारियों के लिए जो सुरक्षात्मक उपाय करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, उसका अनुपालन किया गया या नहीं. सरकार इसकी जांच कैसे करेगी, इसके लिए क्या उपाय किए गए हैं. इसके बारे में बताना होगा. कोर्ट ने यह भी पूछा है कि नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों के मानदेय के पुनर्निरीक्षण के लिए क्या-क्या उपाय किए गए हैं और सरकार ने इन्हें शिक्षित करने के लिए क्या कदम उठा रही है? इसके बारे में भी जानकारी देना होगा। कोर्ट ने मामले में नगर निगम प्रयागराज से भी अगली सुनवाई पर लोगों की शिकायतों के निस्तारण के लिए पोर्टल के संबंध में जानकारी दाखिल करने के लिए कहा है. अब इस जनहित याचिका की सुनवाई हाई कोर्ट 5 जुलाई को करेगी.

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