मुजफ्फरनगर: मंसूरपुर के गांव खुब्बापुर के स्कूल में सहपाठियों से नाबालिग को थप्पड़ लगवाने वाली शिक्षिका के खिलाफ पुलिस ने सख्ती की है. शिक्षिका पर दर्ज मुकदमे में धारा बढ़ाई की गई है. पुलिस ने धारा 295 ए को बढ़ाया है. इसके तहत दो या फिर अधिकतम तीन साल की सजा के साथ आर्थिक दंड का भी प्रावधान है. यह गैर जमानती है. पुलिस ने शासन से चार्जशीट लगाने की अनुमति मांगी है. इसके लिए रिपोर्ट तैयार कर भी भेज दी है.
स्कूल में नाबालिग को लगवाए थे थप्पड़ : मुजफ्फरनगर में खुब्बापुर के एक स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी के कहने पर नाबालिग छात्र को थप्पड़ मारने का मामला 24 अगस्त को सामने आया था. इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ और इस थप्पड़ कांड की काफी चर्चा रही. वर्तमान में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. पुलिस को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ी थी. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच किसी वरिष्ठ वरिष्ठ आईपीएस से कराने का आदेश दिया था.
आईजी ने की थी जांच : वहीं बीते सात अक्टूबर को इस मामले में वरिष्ष्ठ आईपीएस से जांच कराने के आदेश के बाद मेरठ के आईजी नचिकेता झा को जिम्मेदारी दी गई. आईजी नचिकेता ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को दे दी थी. इस रिपोर्ट को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया था. पुलिस ने जो धारा 295 ए बढ़ाई है, उसमें चार्जशीट लगाने के लिए शासन से अनुमति लेनी होती है. इसके लिए शासन को रिपोर्ट भेजकर अनुमति मांगी गई है. मंसूरपुर पुलिस के मुताबिक अनुमति मिलने के बाद इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी.