मुरादाबाद: कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता और मेहनत से ही सफलता का द्वार खुलता है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मुरादाबाद के रहने वाले गौरव विश्नोई ने. निजी कम्पनी में उच्च पद पर तैनात गौरव ने अपने पहले ही प्रयास में पीसीएस परीक्षा पास की है और उन्हें नायाब तहसीलदार के पद पर तैनाती मिली है.
परिवार को दिया सफलता का श्रेय
माता-पिता के कड़े अनुशासन और डॉक्टर पत्नी की प्रेरणा को सफलता का श्रेय देने वाले गौरव सरकारी सिस्टम में पारदर्शी व्यवस्था लागू करना अपना अगला लक्ष्य मानते हैं. डिप्टी कलेक्टर पद पर तैनाती न होने से गौरव मायूस नहीं है बल्कि वह आगे भी बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा में उतरने की रणनीति बनाने में जुटे हैं.
इसे भी पढ़ें- PCS परीक्षा में मुरादाबाद की निधि को पांचवा स्थान, परिवार को दिया सफलता का श्रेय
निजी कंपनी में कार्यरत हैं गौरव
मुरादाबाद के आशियाना कालोनी में रहने वाले गौरव विश्नोई ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पारकर इंटर कॉलेज से पूरी की. इंटरमीडिएट करने के बाद बीटेक करने वाले गौरव ने एमबीए करने के बाद एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की.
पिता से मिली प्रेरणा
बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल गौरव के पिता रिटायर्ड प्रधानाचार्य है और वह हमेशा गौरव को प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने के लिए प्रेरित करते रहें. निजी कम्पनी में नौकरी के दौरान ही गौरव ने सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू की. इस दौरान गौरव की डॉक्टर पत्नी ने भी उनका पूरा साथ दिया और पति को मुश्किल समय में भी प्रेरित करती रहीं.
इसे भी पढ़ें- पीसीएस 2017 का परिणाम घोषित, प्रतापगढ़ के अमित शुक्ला ने किया टॉप
परिवार में जश्न का माहौल
पहले प्रयास में गौरव को सफलता मिलने के बाद उनके परिवार में जश्न का माहौल है. बेटे की सफलता पर माता-पिता गदगद है. गौरव की पढ़ाई और तैयारियों को लेकर हमेशा सजग रहने वाले परिजन आने वाले समय में उनसे समाज के लिए बेहतर करने की उम्मीद कर रहें है.
तीन वर्षीय बेटे के पिता गौरव जहां निजी कम्पनी में अपने काम के अनुभव को लेकर सरकारी सिस्टम में पारदर्शी व्यवस्था के पक्षधर है. वहीं उनकी कोशिश आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लेकर ज्यादा अहम पद हासिल करने की भी है.