मेरठ: 25 दिसंबर 2020 को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया है. नियामानुसार ग्राम प्रधानों के सभी अधिकार निष्क्रिय कर उन्हें एडीओ पंचायत में निहित कर दिया गया है. प्रधानों के डिजिटल हस्ताक्षर के डोंगल को भी निष्क्रिय कर उनके बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं. ग्राम प्रधानों के पास विकास कार्यों की देखरेख के अलावा कोई अधिकार नहीं बचा है. इसके साथ ही प्रशासन ने पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. मतदाता सूची का प्रकाशन करने के साथ ही दो विकास खंडों को नगरीय क्षेत्र में शामिल कर नए परिसीमन की तैयारियां की जा रही हैं. 31 मार्च तक पंचायत चुनाव की सभी तैयारियां पूरी करने के दावे किए जा रहे हैं.
चुनाव की तैयारियों में जुटा प्रशासन
जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि प्रशासन ने पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. ग्राम पंचायत चुनाव 31 मार्च तक पूर्ण करने के लिए निर्देश हैं. इसके लिए जिला पंचायत राज विभाग तेजी से कार्य कर रहा है. मतदाता सूची का प्रकाशन अभी 27 दिसंबर 2020 को हुआ है. इसमें लोगों से आपत्तियां मांगी जा रही हैं. मतदाता सूची का सत्यापन जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में किया जाएगा है.
परिसीमन हुआ प्रभावित
DPRO के मुताबिक मेरठ जिले के विकासखंड माछरा और विकास खंड सरूरपुर नगरीय क्षेत्रों में शामिल हुए हैं. इसके कारण दोनों विकास खंड परिसीमन की दृष्टि से प्रभावित हुए थे. पंचायत चुनाव से पहले क्षेत्र पंचायत का आंशिक परिसीमन किया गया है. इसके कारण जिला पंचायत वार्ड भी प्रभावित हुए हैं. जिले के दो विकासखंडों को नगरीय क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद एक जिला पंचायत वार्ड कम किया गया है. इसके चलते जिला पंचायत क्षेत्र का पुनः परिसीमन किया गया है.
परिसीमन को लेकर मांगी आपत्ति
परिसीमन को लेकर सबन्धित विभाग ने प्रकाशन कर लोगों से आपत्ति मांगी हैं. इस संबंध में 56 आपत्तियां मिली हैं. संबंधित अधिकारियों द्वारा इन आपत्तियों को निपटारा कर जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में परिसीमन का अंतिम प्रकाशन किया जाना है. इसके बाद ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्डों का और ग्राम प्रधान का आरक्षण किया जाएगा. आरक्षण के बाद फरवरी माह के दूसरे सप्ताह तक चुनाव कराने के लिए विभाग सभी तैयारियां पूरी कर लेगा.
एडीओ पंचायत को बनाया शासक
जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि 25 दिसंबर 2020 को ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो गया है. इसके बाद ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत समितियों के समस्त अधिकार खत्म कर एडीओ पंचायत को दे दिए गए हैं. ग्राम पंचायत में चल रहे वैध विकास कार्य अब एडीओ पंचायत द्वारा किए जाएंगे. पंचायत चुनाव होने के बाद नए प्रधान का शपथ ग्रहण समारोह होने तक इन दायित्वों का निर्वहन एडीओ पंचायत ही करेंगे.