लखनऊ: गोमती नगर निवासी 16 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता और उसकी भाभी ने गोमतीनगर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि पीड़िता के दोस्त को बेवजह दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पीड़िता का कहना है कि उसके दोस्त ने घटना के दौरान उसकी जान बचाई थी, जिसके बाद भी पुलिस ने दोस्त को ही आरोपी बनाते हुए जेल भेज दिया. अब पीड़ित और उसकी भाभी गिरफ्तार युवक को बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं. वहीं पुलिस ने पीड़िता के दोस्त समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी पेश कर दी है.
9 अप्रैल 2020 को राजधानी लखनऊ के गोमती नगर थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसके बाद पीड़िता की भाभी ने गोमतीनगर थाने में दो लोगों के खिलाफ खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें पीड़िता ने अतुल शुक्ला और अतुल बाबा को आरोपी बनाया था. पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद जहां अतुल शुक्ला और अतुल बाबा को गिरफ्तार किया तो वहीं पीड़िता के दोस्त संदीप कश्यप को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
घरवालों ने संदीप से बात करने के लिए किया मना
पीड़िता की ओर से ना ही एफआईआर में और ना ही अपने बयान में संदीप कश्यप को आरोपी बनाया गया है. पीड़िता के वकील का आरोप है कि पुलिस ने बयान को अपने मन मुताबिक लिखते हुए संदीप कश्यप को आरोपी बना दिया है. पुलिस से निराशा हाथ लगने के बाद पीड़िता ने बताया कि घरवालों को पता चल गया था कि वह संदीप से बात करती है. लिहाजा घरवालों ने संदीप से बातचीत करने के लिए मना किया था.
अतुल शुक्ला और अतुल बाबा ने संदीप से की थी मारपीट
इसके बाद पीड़िता संदीप से मिलने गई थी, जहां पर पहले से मौजूद अतुल शुक्ला और अतुल बाबा ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और जब संदीप कश्यप वहां पहुंचा तो उसने पीड़िता को बचाने की कोशिश की. इस दौरान दोनों आरोपी अतुल शुक्ला और अतुल बाबा ने संदीप की पिटाई भी की. इसके बाद भी संदीप को पुलिस ने जेल भेज दिया है, जबकि पीड़िता का कहना है कि संदीप कश्यप का इस पूरे प्रकरण में कोई दोष नहीं है.
डीसीपी ने कहा- पीड़िता के बयान पर हुई है कार्रवाई
डीसीपी ईस्ट सोमेन वर्मा से ने कहा कि दुष्कर्म के मामले में तीन आरोपयों संदीप कश्यप, अजय शुक्ला और अजय बाबा को जेल भेजा गया है. तीनों लोगों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है. जब उन्हें बताया गया कि पीड़िता का कहना है कि संदीप कश्यप ने उसके साथ दुष्कर्म नहीं किया है बल्कि उसकी मदद की है तो फिर पुलिस ने उसे किस आधार पर गिरफ्तार किया. ऐसे में सोमेन वर्मा ने कहा कि पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है, जबकि पीड़िता का कहना है कि पुलिस को दिए गए बयान में उसने संदीप को निर्दोष बताया था और कहा था कि संदीप ने घटना के बाद उसकी मदद की थी फिर भी पुलिस ने उसे जेल भेज दिया.