लखनऊ: अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक कैरी बैग मुक्त दिवस के मौके पर रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मरकरी हॉल में 'उत्तर प्रदेश प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन कांक्लेव 2022' कार्यक्रम आयोजित हुआ. बतौर मुख्यातिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शहरी समग्र विकास अरविंद कुमार शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में वन मंत्री डॉ. अरूण कुमार सक्सेना और वन राज्यमंत्री केपी मलिक मौजूद रहे. इस मौके पर प्लास्टिक निस्तारण व स्वच्छता के लिए पहला स्थान लखनऊ नगर निगम, दूसरा स्थान कानपुर नगर निगम, तीसरा स्थान आगरा और गाजियाबाद नगर निगम को मिला. इन चारों जिला के नगर निगम अधिकारियों को शील्ड देकर सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि घरों में प्लास्टिक का रियूज करना चाहिए. खुद पर थोड़ा संयम करना होगा. हैंडवाश या शैम्पू का बड़ा पैक लाएं और घर पर उसे छोटे डिब्बों में रखकर इस्तेमाल करें. इससे आप प्लास्टिक इस्तेमाल करने से बचेंगे. बाजार जाएं तो अपना झोला या कैरी बैग साथ लेकर चलें ताकि आप स्वयं दुकानदार को प्लास्टिक देने से मना कर सकें. उन्होंने कहा कि रियूज, रिसाइकिल और रिडक्शन यह तीनों तथ्य बेहद जरूरी है. हमारी प्राकृति में कोई भी काम इन तीनों बातों पर ही निर्भर करता है. प्लास्टिक यूज करने की अपनी आदत को सुधारना है.
वहीं, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक को हमें रोकना होगा. बीते 29 जून से 3 जुलाई तक 'यूपी प्लास्टिक कॉन्क्लेव 2022' कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसके तहत रेस (RACE) अभियान शुरू हुआ और पांच हजार क्विंटल प्लास्टिक का निस्तारण किया गया. यह हम सभी के लिए खुशी की बात है. प्लास्टिक इस्तेमाल करने की एक लंबी चेन है. हम सभी को जागरूक होने की जरूरत है. ताकि हम जब बाहर जाए तो साथ में कैरी बैग लेकर चले. घरों में प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचना होगा और कूड़ा कचरा कभी भी प्लास्टिक में बांधकर न फेकें. इससे आवारा पशु प्रभावित होते हैं. जानवर हमारी तरह सोच समझ नहीं सकते, इसलिए हमारा ही दायित्व बनता है कि उनका भी ख्याल हम रखें और प्लास्टिक इस्तेमाल करने से बचना है.
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विशिष्ट अतिथि के रूप में वन मंत्री डॉ. अरूण कुमार सक्सेना ने कहा कि नगर विकास मंत्री एके शर्मा, महापौर संयुक्ता भाटिया, नगर विकास से रंजन कुमार और शहरी समग्र विकास अरविंद कुमार शर्मा को धन्यवाद देता हूं. इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान पांच हजार क्विंटल प्लास्टिक एकत्रित हुई. जिसे निष्कासित किया गया. इसके लिए सभी को बधाई और आगे भी इसे एकत्रित करने का काम चल रहा है. प्लास्टिक काफी नुकसानदायक है. जीव जंतु व जानवर प्लास्टिक बैग को खा जाते हैं जो कि उनके गले में व पेट में ही रह जाता है. जिसके कारण कई आवारा पशुओं की मौत हुई है. प्लास्टिक प्राकृतिक में घूलनशील नही होती है. इसके माइक्रो कण जल्दी पिघलते नही है. एक प्लास्टिक को खत्म होने में दस साल लग जाते हैं यदि इसे जलाया जाए तो यह प्रकृति व वातावरण को खराब करता है. इसलिए हमें और आपको आगे आकर पहल करना होगा.
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