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जौनपुर: कमीशनखोरी के चक्कर में बाहर की दवा लिख रहे सरकारी डॉक्टर

यूपी के जौनपुर में सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवा लिख रहे हैं. कमीशनखोरी के चक्कर में डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवा लिख देते हैं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य के साथ ही जेब को भी नुकसान होता है.

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Published : Sep 26, 2019, 3:12 PM IST

जौनपुर का जिला अस्पताल

जौनपुर: योगी सरकार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए हर संभव मदद देने का प्रयास कर रही है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को बाहर की दवाएं लिखने पर रोक भी है. लेकिन उसके बावजूद जौनपुर के जिला अस्पताल के डॉक्टर खुले तौर पर मरीजों को बाहर की दवाएं लिख रहे हैं. जिला अस्पताल के बाहर दर्जनों दवा की ऐसी दुकानें खुली हैं जो इन सरकारी डॉक्टरों के भरोसे ही चलती हैं.

कमीशनखोरी के चक्कर में बाहर की दवा लिख रहे सरकारी डॉक्टर.

कमीशन के लिए बाहर की दवा लिख रहे जिला अस्पताल के डॉक्टर
प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने पर रोक लगा रखी है. उसके बावजूद जौनपुर में जिला अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवाएं ही लिख रहे हैं. जबकि सरकारी अस्पताल में दवाएं भरी पड़ी हैं. जिले भर के मरीज जिला अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं लेकिन सरकारी डॉक्टर लाखों रुपए की सैलरी लेने के बावजूद भी कमीशन खोरी की चक्कर में मरीजों को बाहर की दवाएं लिखते हैं. इन दवाओं से जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सेहत के साथ ही जेब पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. लगातार मामले सामने आने के बाद भी इन डॉक्टरों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. वहीं जिला अस्पताल के अधीक्षक भी डॉक्टरों के मनमाने रवैये से नाराज हैं लेकिन उनके आगे बेबस नजर आते हैं.

इसे भी पढ़ें- प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी झील पर भू माफियाओं का हो रहा कब्जा

मरीज को बाहर की दवाएं लिखने की शिकायत मिलती है, उसके आधार पर डॉक्टरों को चेतावनी भी दी गई है. डॉक्टरों के पास जन औषधि केंद्र की मौजूद दवाओं की लिस्ट भी दी गई है.
-डॉ. अभिमन्यु कुमार, अधीक्षक, जिला अस्पताल

जौनपुर: योगी सरकार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए हर संभव मदद देने का प्रयास कर रही है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को बाहर की दवाएं लिखने पर रोक भी है. लेकिन उसके बावजूद जौनपुर के जिला अस्पताल के डॉक्टर खुले तौर पर मरीजों को बाहर की दवाएं लिख रहे हैं. जिला अस्पताल के बाहर दर्जनों दवा की ऐसी दुकानें खुली हैं जो इन सरकारी डॉक्टरों के भरोसे ही चलती हैं.

कमीशनखोरी के चक्कर में बाहर की दवा लिख रहे सरकारी डॉक्टर.

कमीशन के लिए बाहर की दवा लिख रहे जिला अस्पताल के डॉक्टर
प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने पर रोक लगा रखी है. उसके बावजूद जौनपुर में जिला अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवाएं ही लिख रहे हैं. जबकि सरकारी अस्पताल में दवाएं भरी पड़ी हैं. जिले भर के मरीज जिला अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं लेकिन सरकारी डॉक्टर लाखों रुपए की सैलरी लेने के बावजूद भी कमीशन खोरी की चक्कर में मरीजों को बाहर की दवाएं लिखते हैं. इन दवाओं से जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सेहत के साथ ही जेब पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. लगातार मामले सामने आने के बाद भी इन डॉक्टरों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. वहीं जिला अस्पताल के अधीक्षक भी डॉक्टरों के मनमाने रवैये से नाराज हैं लेकिन उनके आगे बेबस नजर आते हैं.

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मरीज को बाहर की दवाएं लिखने की शिकायत मिलती है, उसके आधार पर डॉक्टरों को चेतावनी भी दी गई है. डॉक्टरों के पास जन औषधि केंद्र की मौजूद दवाओं की लिस्ट भी दी गई है.
-डॉ. अभिमन्यु कुमार, अधीक्षक, जिला अस्पताल

Intro:जौनपुर।। योगी सरकार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग के जरिए हर संभव सुविधा देने का प्रयास कर रही है । वहीं सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को बाजार की दवाएं लिखने पर रोक भी है। उसके बावजूद भी जौनपुर के जिला अस्पताल के डॉक्टर खुले तौर पर मरीजों को बाहर की दवाएं लिख रहे है। पूरे जिले से मरीज जिला अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं लेकिन सरकारी डॉक्टर लाखों रुपए की सैलरी लेने के बावजूद भी कमीशन खोरी की चक्कर में मरीजों को बाहर की दवाएं लिखते हैं। जिला अस्पताल के बाहर ही दर्जन भर से ज्यादा ऐसी दवा की दुकानें खुली हुई है जो इन सरकारी डॉक्टरों के भरोसे ही चलती है । इन डॉक्टरों पर कोई रोक भी नहीं लग पा रही है।


Body:वीओ।। प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने पर रोक लगा रखी है। उसके बावजूद भी जौनपुर में जिला अस्पताल के डॉक्टर खुले तौर पर मरीजों को बाहर की दवाएं लिखते हैं। जबकि अस्पताल में दवाएं भरी पड़ी है। सरकारी डॉक्टर अच्छी सैलरी लेने के बावजूद भी कमीशन खोरी के चक्कर में बाहर की दवाई लिखते हैं। वही इन दवाओं से जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सेहत के साथ-साथ जेब पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। लगातार मामले सामने आने के बावजूद भी इन डॉक्टरों पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। वहीं अस्पताल के अधीक्षक भी डॉक्टर के मनमाने रवैया से नाराज जरूर है लेकिन उनके आगे बेबस भी है।


Conclusion:जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ अभिमन्यु कुमार ने बताया कि मरीज को बाहर की दवाएं लिखने की शिकायत मिलती है। उसके आधार पर डॉक्टरों को चेतावनी भी दी जाती है ।वहीं डॉक्टरों के पास जन औषधि केंद्र की मौजूद दवाओं की लिस्ट भी दी गई है।


बाइट- डॉ अभिमन्यु कुमार- जिला अस्पताल अधीक्षक


जिला अस्पताल में इलाज कराने आई सुशीला ने बताया कि उनको डॉक्टरों ने बाहर की दवाएं लिखी थी लेकिन उन्होंने डॉक्टर से अंदर की दवा ही लिखने का निवेदन किया। वहीं दूसरे मरीज निर्मल ने बताया कि उनका पैर में फैक्चर हुआ था वह यहां इलाज कराने आए हैं लेकिन डॉक्टर उन्हें बाहर की दवाएं ही लिख रहे हैं।

बाइट- सुशीला -मरीज
बाइट- निर्मल कुमार -मरीज

पीटीसी

Dharmendra singh
jaunpur
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