बाराबंकी: वन्य जीवों से संबंधित अपराधों को काबू में करने और ऐसे अपराधों में लिप्त अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाई के लिए बाराबंकी में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. वन विभाग द्वारा आयोजित इस वर्कशॉप में जिले के वनकर्मियों को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की बारीकियां बताई गईं. लखनऊ से आए टर्टल सर्वाइवल एलायंस यानी टीएसए के निदेशक ने कर्मचारियों को मुकदमों की फर्द तैयार करने के तौर तरीके सिखाए तो वहीं बाराबंकी पुलिस अधीक्षक ने इस कानून के तहत प्रभावी कार्रवाई के ढंग से रुबरु कराया.
वन्य जीवों के अवैध व्यापार के कारण कई दुर्लभ प्रजातियां लुप्त होने की कगार पर हैं. इसी के मद्देनजर वनकर्मियों को ऐसे अपराधों को काबू में करने के लिए वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन ऐक्ट की प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है. इस एक्ट के ठीक ढंग से अनुपालन के लिए इसके हर सेक्शन की बारीकियों से वनकर्मियों को रुबरु कराया जा रहा है. सोमवार को वन विभाग के परिसर में जिले के वनकर्मियों को कानून की बारीकियों से रुबरु कराया गया.
सिखाई जा रही कानून की बारीकियां
टर्टल सर्वाइवल एलायंस इंडिया यानी टीएसए के निदेशक डॉ. शैलेंद्र सिंह ने सोमवार को वन विभाग के कैम्पस में जिले के वनकर्मियों को एफआईआर लिखने से लगाकर फर्द बरामदगी और साक्ष्यों के प्रस्तुत करने के तौर तरीकों की बारीकियां बताईं. विभाग की मंशा है कि वन्य जीवों के प्रति अपराध में लिप्त लोगों को दंड मिले, जिससे ऐसे अपराधों में कमी आए.
WCCB के ट्रेनर रहे एसपी ने साझा किए अनुभव
वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के प्रोफेशनल ट्रेनर और डब्लूसीसीबी के ट्रेनर रह चुके जिले के पुलिस कप्तान डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने वन्य जीवों से सम्बंधित अपराधों को रोकने के वन कर्मियों को तमाम टिप्स दिए. साथ ही उन्होंने अपने अनुभव भी शेयर किए.