फर्रुखाबाद: जिले में बरौन स्थित कोविड एल-1 अस्पताल में गुरुवार को डाॅक्टरों और कर्मचारियों ने हड़ताल कर सेवा बंद कर दी. आक्रोशित डाॅक्टरों और कर्मचारियों ने कहा कि उनके ऊपर आरोप लगाया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों का खाना खा रहे हैं, जिससे मरीजों को खाना नहीं मिल पा रहा है. ऐसे आरोप से समाज में उनकी छवि खराब हो रही है.
धरने पर बैठे डॉक्टर और कर्मचारी
जिले के कोविड एल-1 अस्पताल में 18 कोरोना संक्रमित मरीजों के भर्ती होने के बावजूद भी व्यवस्थाएं कई दिनों से पटरी पर नहीं आ पा रही हैं. गुरुवार को डॉक्टर और कर्मचारी कोविड अस्पताल की सेवा बंद करते हुए धरने पर बैठ गए. उनका आरोप है कि उनके खिलाफ एक अखबार में समाचार प्रकाशित हुआ है, जिसमें डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पिछले दिनों एक बैठक हुई थी. इसमें सीडीओ ने इस बात को उजागर किया है कि मरीजों का खाना चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ पहले खा लेते हैं. इस कारण मरीजों को खाना नहीं मिल पा रहा है.
डाॅक्टरों पर लगाए सारे आरोप निराधार
डाॅक्टरों ने कहा कि सीडीओ का यह आरोप बिल्कुल निराधार है. उन्होंने कहा कि हम लोग परिवार से दूर रहकर कोरोना संक्रमित मरीजों का दिन-रात इलाज कर रहे हैं. दूसरी तरफ हम ही लोगों के ऊपर दबाव बनाया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही डॉक्टरों ने कार्रवाई न होने तक हड़ताल की चेतावनी दी. वहीं डॉक्टरों की हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों की चिंता बढ़ गई है. हड़ताल की सूचना से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया. कोविड अस्पताल में 25 स्टाफ और 2 डाॅक्टर तैनात हैं.
निरीक्षण के दौरान किचन में लगा था ताला
पिछले दिनों जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने कोविड एल-1 अस्पताल का निरीक्षण किया था. इस दौरान मरीजों ने नाश्ता और चाय न मिलने की शिकायत की थी, जिस पर डीएम किचन देखने गए तो दरवाजे पर ताला बंद मिला था. डीएम ने सीएमओ डाॅ. चंद्रशेखर को फटकार लगाते हुए अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया था. साथ ही ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था.