अलवर. जिला पुलिस एक बार फिर अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों में है. दलित महिला से दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की ओर से तीन नामजद सहित चार-पांच लोगों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज कराया था. इस मामले में पुलिस ने 5 सितंबर को मामला दर्ज होने के बाद एक आरोपी लोकेश को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि अन्य आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है. जबकि पीड़िता ने एफआईआर में लोकेश, जीतेंद्र और योगेश के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया था.
पीड़िता ने एफआईआर में आरोप लगाया था कि आरोपियों की ओर से पहाड़ पर ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया था और उसकी अश्लील वीडियो बना ली थी. आरोपियों ने धमकी दी थी कि इस बारे में परिजनों को बताया तो उसकी वीडियो वायरल कर देंगे. मामले को पीड़िता ने तबीयत ठीक होने के बाद परिजनों को बताई. तब 7 दिसंबर को लक्ष्मणगढ़ थाने में मामला दर्ज करवाया था.
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इस मामले में पुलिस पर पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पुलिस केवल एक आरोपी को गिरफ्तार कर खानापूर्ति कर रही है. अन्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है. आरोपी उन पर राजीनामा का दबाव बनाकर धमकियां दे रहे हैं. पीड़िता सोमवार को न्याय की गुहार लेकर एसपी मुख्यालय पहुंची जहां एसपी पुष्पेंद्र सोलंकी को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई है.
एसपी पुष्पेंद्र सोलंकी ने बताया कि अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दलित विवाहिता से गैंगरेप के मामले में डीएसपी लक्ष्मणगढ़ जांच कर रहे हैं. एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में अनुसंधान जारी है.