नागौर. जिले में 6 दिन के भीतर ही एसीबी की सोमवार को दूसरी बार कार्रवाई देखने को मिली. आज महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी की महिला पर्यवेक्षक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
यह कार्रवाई जिले में जायल इलाके के तरनाऊ गांव के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर हुई है, जिसके बाद आरोपी महिला पर्यवेक्षक को एसीबी रोल थाने लेकर पहुंची. जहां ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से वेतन एरियर के बदले महिला पर्यवेक्षक ने 2000 रुपए के कमीशन की मांग की थी, जिसमें से आधी राशि वह 27 फरवरी को ले चुकी थी. महिला कार्यकर्ता ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को कर दी.
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सत्यापन में शिकायत सही पाई गई तो आज एसीबी की टीम ने एएसपी रमेश मौर्य के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपी महिला पर्यवेक्षक को गिरफ्तार कर लिया है. इस कार्रवाई के दौरान महिला पर्यवेक्षक के पास से 11000 रुपए की संदिग्ध राशि भी बरामद की गई है.
एसीबी के एएसपी रमेश मौर्य ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला कंवर ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी. जिसमें उसने बताया कि वह रोहिणा गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत है और उसके वेतन के एरियर के भुगतान के बदले महिला पर्यवेक्षक चूका शर्मा 2000 रुपए की रिश्वत मांग रही है. इसमें से एक हजार रुपए उसने 27 फरवरी को ले लिए.
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बाकी बचे एक हजार रुपए आज तरनाऊ के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देना तय हुआ. आज अस्पताल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मीटिंग में आरोपी चूका शर्मा ने परिवादी सुशीला कंवर से जैसे ही रिश्वत की राशि एक हजार रुपए ली. पहले से ताक में बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
इसके साथ ही उसके पास से 11 हजार रुपए की संदिग्ध राशि भी जब्त की गई है. फिलहाल एसीबी की टीम आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक चूका शर्मा को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर रही है. बता दें कि इससे पहले 26 फरवरी को जसवंतगढ़ थाने में तैनात विजय सिंह चौधरी को अजमेर एसीबी की टीम ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. ऐसे में महज छह दिन के भीतर नागौर में एसीबी की यह दूसरी कार्रवाई है.