ETV Bharat / city

जयपुर में होने जा रही दो दिवसीय पश्चिमी आंचलिक कुलपतियों की बैठक, 100 से भी ज्यादा कुलपति लेंगे हिस्सा - जयपुर कुलपति बैठक खबर

जयपुर में बुधवार से दो दिवसीय पश्चिमी आंचलिक कुलपतियों की बैठक होने जा रही है. यह बैठक उच्च शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण और वैश्विक रैंकिंग सुधारने को लेकर चर्चा करने के लिए की जा रही है.

पश्चिमी आंचलिक कुलपति बैठक, Western Zonal Vice Chancellors meeting
पश्चिमी आंचलिक कुलपति बैठक
author img

By

Published : Dec 10, 2019, 9:56 PM IST

जयपुर. उच्च शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण और वैश्विक रैंकिंग सुधारने के लिए दो दिवसीय पश्चिमी आंचलिक कुलपतियों की बैठक होने जा रही है. भारतीय विश्वविद्यालय संघ की ओर से यह बैठक बुधवार से आरंभ होगी. जिसके मुख्य अतिथि राज्यपाल कलराज मिश्र और विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी रहेंगे.

दो दिवसीय इस मीट में राजस्थान, महाराष्ट्र और गोवा के विश्वविद्यालयों के 100 से भी ज्यादा कुलपति हिस्सा लेंगे. वहीं मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षा से जुड़े प्रख्यात विशेषज्ञ भी इस सम्मेलन में मौजूद रहेंगे.

जयपुर में होगी पश्चिमी आंचलिक कुलपतियों की बैठक

भारतीय विश्वविद्यालय संघ के महासचिव डॉ पंकज मित्तल ने बताया कि भारत के विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों में कमी होने के चलते ये वैश्विक रैंकिंग में शामिल नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत के विश्वविद्यालयों का वैश्विक रैंकिंग में शामिल नहीं होने के पीछे विदेशी फैकेल्टी, स्टूडेंट्स और प्रोजेक्ट की कमी भी सबसे बड़ा कारण है. उन्होंने कहा कि इस कांफ्रेंस के माध्यम से यूनिवर्सिटी को अंतरराष्ट्रीयकरण में शामिल होने में मदद मिलेगी.

पढ़ें: नागरिकता संशोधन विधेयक : लोकसभा के बाद अब राज्यसभा की चुनौती

आगे बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत से 6 से 7 लाख स्टूडेंट विदेश में पढ़ने जाते हैं लेकिन विदेशी छात्र सिर्फ 40 से 50 हजार ही भारत में पढ़ने आते हैं. जिसकी वजह से भी भारत की यूनिवर्सिटीज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना कब्जा नहीं जमा पा रही हैं.

जयपुर. उच्च शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण और वैश्विक रैंकिंग सुधारने के लिए दो दिवसीय पश्चिमी आंचलिक कुलपतियों की बैठक होने जा रही है. भारतीय विश्वविद्यालय संघ की ओर से यह बैठक बुधवार से आरंभ होगी. जिसके मुख्य अतिथि राज्यपाल कलराज मिश्र और विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी रहेंगे.

दो दिवसीय इस मीट में राजस्थान, महाराष्ट्र और गोवा के विश्वविद्यालयों के 100 से भी ज्यादा कुलपति हिस्सा लेंगे. वहीं मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षा से जुड़े प्रख्यात विशेषज्ञ भी इस सम्मेलन में मौजूद रहेंगे.

जयपुर में होगी पश्चिमी आंचलिक कुलपतियों की बैठक

भारतीय विश्वविद्यालय संघ के महासचिव डॉ पंकज मित्तल ने बताया कि भारत के विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों में कमी होने के चलते ये वैश्विक रैंकिंग में शामिल नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत के विश्वविद्यालयों का वैश्विक रैंकिंग में शामिल नहीं होने के पीछे विदेशी फैकेल्टी, स्टूडेंट्स और प्रोजेक्ट की कमी भी सबसे बड़ा कारण है. उन्होंने कहा कि इस कांफ्रेंस के माध्यम से यूनिवर्सिटी को अंतरराष्ट्रीयकरण में शामिल होने में मदद मिलेगी.

पढ़ें: नागरिकता संशोधन विधेयक : लोकसभा के बाद अब राज्यसभा की चुनौती

आगे बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत से 6 से 7 लाख स्टूडेंट विदेश में पढ़ने जाते हैं लेकिन विदेशी छात्र सिर्फ 40 से 50 हजार ही भारत में पढ़ने आते हैं. जिसकी वजह से भी भारत की यूनिवर्सिटीज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना कब्जा नहीं जमा पा रही हैं.

Intro:जयपुर- उच्च शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण और वैश्विक रैंकिंग सुधारने के लिए दो दिवसीय पश्चिमी आंचलिक कुलपतियों की बैठक होने जा रही है। भारतीय विश्वविद्यालय संघ की ओर से यह बैठक बुधवार से आरंभ होगी जिसके मुख्य अतिथि राज्यपाल कलराज मिश्र और विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी रहेंगे। दो दिवसीय इस मीट में राजस्थान, महाराष्ट्र और गोवा के विश्वविद्यालयों के 100 से भी ज्यादा कुलपति हिस्सा लेंगे वहीं मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षा से जुड़े प्रख्यात विशेषज्ञ भी इस सम्मेलन में मौजूद रहेंगे।


Body:भारतीय विश्वविद्यालय संघ के महासचिव डॉ पंकज मित्तल ने बताया कि भारत के विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों में कमी होने के चलते ये वैश्विक रैंकिंग में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के विश्वविद्यालयों का वैश्विक रैंकिंग में शामिल नहीं होने के पीछे विदेशी फैकेल्टी, स्टूडेंट्स और प्रोजेक्ट की कमी भी सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि इस कांफ्रेंस के माध्यम से यूनिवर्सिटी को अंतरराष्ट्रीयकरण में शामिल होने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत से 6 से 7 लाख स्टूडेंट विदेश में पढ़ने जाते है लेकिन विदेशी छात्र सिर्फ 40 से 50 हजार ही भारत में पढ़ने आते है जिसकी वजह से भी भारत की यूनिवर्सिटीज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना कब्जा नहीं जमा पा रही है।

बाईट- डॉ पंकज मित्तल, महासचिव, भारतीय विश्वविद्यालय संघ
बाईट- डॉ अशोक गुप्ता, डायरेक्टर, आईआईएस यूनिवर्सिटी


Conclusion:
ETV Bharat Logo

Copyright © 2025 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.