जयपुर. देश में किसान विरोधी बिल अगर वापस नहीं लिए गए तो इससे होने वाला विरोध प्रदर्शन देश में कोरोना के संक्रमण को बढ़ाएगा. इसकी जिम्मेदारी केंद्र में बैठी मोदी सरकार की होगी. यह कहना है प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का, जो हाल ही में खुद कोरोना से लड़ाई लड़ कर लौटे हैं.
खास बात यह है कि इससे पहले प्रताप सिंह खाचरियावास कांग्रेस के ही विरोध प्रदर्शन में दिखाई दिए थे. इसके बाद वह कोरोना संक्रमित हो गए थे. मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि देश के अन्नदाता किसान पर हमला हुआ है. इससे पहले रेल का निजीकरण किया गया, बीएसएनल का भट्ठा बैठा दिया गया और तो और एयरपोर्ट को निजी हाथों में दिया गया. लेकिन केंद्र सरकार को यह पता होना चाहिए कि जब-जब जिस सरकार ने किसानों पर हमला किया है, उस सरकार को जाना पड़ा है. इस बिल पर आर-पार की लड़ाई होगी. मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और किसान सब एक होकर लड़ाई लड़ेंगे.
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उन्होंने कहा कि ऐसे समय जब देश में कोरोना का संक्रमण फैल रहा है. उससे मोदी सरकार को कोई मतलब नहीं है ओर वो कोरोना संकट के समय में आंदोलन सरकार खड़े करवा रही है. जबकि इस तरीके की महामारी आती है या कोई संकट होता है तो सरकारें ऐसा कोई काम नहीं करती, जिससे कोई विरोध हो.
इस समय हरियाणा, पंजाब, राजस्थान में किसान सड़कों पर आ गया है, जो किसान सड़कों पर आया है. अगर उसे कोरोना होता है तो इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी. इन आंदोलनों से कोरोना संक्रमण होगा ही होगा. क्योंकि, जब भीड़ इकट्ठी होती है तो उसमें संक्रमण का खतरा भी फैलता है.
उन्होंने कहा कि इस देश का किसान गुलामी मंजूर नहीं करता. यह लड़ाई बड़ी है और कांग्रेस सड़कों पर किसानों के साथ इस लड़ाई लड़ेगी. उन्होंने कहा कि ऐसे में अगर कोरोना संक्रमण फैलता है तो खुद भाजपा की केंद्र सरकार ही इसकी जिम्मेदार होगी.