जयपुर. लॉकडाउन 3.0 के दौरान प्रदेश में कई गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं. प्रवासियों को लाने ले जाने को लेकर केंद्र सरकार ने कुछ छूट भी दे दी है. लेकिन भाजपा का आरोप है कि अभी भी कई प्रवासी राजस्थानियों को राज्य की सीमा पर ही रोका जा रहा है. भाजपा का आरोप है कि ये स्थिति तब है जब प्रशासन की ओर से उन्हें आवाजाही का पास भी जारी किया गया है.
भाजपा विधायक और पूर्व महापौर अशोक लाहोटी ने एक बयान जारी कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से राजस्थानी प्रवासियों को प्रदेश में आने दिए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि राजस्थानी प्रवासी राजस्थान के ही नागरिक हैं और अपने परिवार जनों के पास राजस्थान आना चाहते हैं.
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लेकिन प्रशासन की सख्ती के चलते यह प्रवासी प्रदेश की सीमाओं पर ही अपने परिजनों से मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं. ऐसे में प्रदेश सरकार से अपील है कि वे इन लोगों को राजस्थान में प्रवेश की अनुमति नहीं देकर उनका तिरस्कार नहीं करें.
'ना भूलें पहले इनकी मान मनुहार करके बुलाया जाता था'
लाहोटी ने अपने बयान में यह भी कहा कि राज्य सरकार ये ना भूले कि ये वही राजस्थानी प्रवासी है. जिन्हें प्रदेश सरकार कभी प्रवासी फाउंडेशन, राजस्थान फाउंडेशन, रिसरजेंट राजस्थान जैसे कार्यक्रम आयोजित कर बुलाती थी और उनकी आवभगत मान मनुहार कर मिन्नत करती थी कि वे राजस्थान में पूंजी निवेश करें.
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लाहोटी ने यह भी कहा कि जब आप अन्य प्रदेशों में जाते हैं, तो वहां पर यही राजस्थानी प्रवासी आपके स्वागत के लिए हाथों में माला लेकर घंटों तक आपकी प्रतीक्षा में खड़े रहते हैं. उन्होंने कहा कि इन्हीं राजस्थानी प्रवासियों से चुनाव के समय मिलने भी आप जाते हो. ऐसे में अब उनका तिरस्कार आखिर क्यों किया जा रहा है.