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7 साल गुजरे, पांच जिला कलेक्टर भी बदलें, लेकिन नहीं बदल पाई तो बस गरिमा हेल्पलाइन की सूरत - गरिमा हेल्पलाइन जयपुर की खबर

प्रदेशभर में महिला सुरक्षा को लेकर नारे लगाए जाते हैं. इसी कड़ी में राजधानी में 2012 में गरिमा हेल्पलाइन को शुरू किया गया. जो महिलाओं की मदद हेतु अग्रसर है. इस गरिमा हेल्पलाइन को बने 7 साल गुजर चुके हैं, 5 जिला कलेक्टर भी बदल चुके हैं. इसके बावजूद भी गरिमा हेल्पलाइन की सूरत नहीं बदल पाई. अब यह गरिमा हेल्पलाइन दम तोड़ती नजर आ रही है.

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Published : Dec 6, 2019, 8:44 PM IST

जयपुर. राज्य सरकार और जिला प्रशासन महिला सुरक्षा को लेकर हर बार दम्भ भरते नजर आते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आती है. जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में बनी गरिमा हेल्पलाइन की कोई सुध लेने वाला नहीं है. एक महिला काउंसलर के भरोसे ही जिला कलेक्ट्रेट में स्थित गरिमा हेल्पलाइन चल रही है. जिस जिला कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन के सभी हाकिम बैठते हैं. उनकी नाक के नीचे गरिमा हेल्पलाइन की दुर्दशा हो रही है.

गरिमा हेल्पलाइन की बदहाल स्थिति

आपको बता दें कि दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश में गरिमा हेल्पलाइन शुरू की थी. जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में इस गरिमा हेल्पलाइन का संचालन किया जाता है. गरिमा हेल्पलाइन की मॉनिटरिंग के लिए एडीएम और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है. जयपुर जिला कलेक्टर को इसका अध्यक्ष बनाया गया, लेकिन 2013 के बाद इस कमेटी के आज तक कोई बैठक नहीं हुई.

यह भी पढ़ें- जोधपुरः राष्ट्रपति दौरे से पहले पुलिस ने की फाइनल रूट रिहर्सल

पहले यह गरिमा हेल्पलाइन जिला कलेक्ट्रेट में पोर्च के पास ही एक कमरे में चलती थी, लेकिन कुछ महीनों पहले गरिमा हेल्पलाइन को जिला कलेक्ट्रेट के एक कोने में हस्तांतरित कर दिया गया. यहां तक पहुंचने में भी पीड़ितों को मशक्क़त करनी पड़ती है. यह गरिमा हेल्पलाइन एक काउंसलर के ही भरोसे चल रही है और पूरे प्रदेश भर से यहां शिकायतें आती है. 2012 में गहलोत सरकार के समय शुरू हुई. इस गरिमा हेल्पलाइन में अब तक करीब 7 हजार शिकायतें आ चुकी है और अधिकतर शिकायतों का निस्तारण भी हो गया है. पूर्व कलेक्टर जगरूप सिंह यादव के समय भी इस मामले को पहुंचाया गया था लेकिन उन्होंने भी इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया. अब नए कलेक्टर जोगाराम बने हैं और महिलाओं को उम्मीद है कि नए कलेक्टर जोगाराम इस गरिमा हेल्पलाइन के बारे में कुछ ना कुछ जरूर करेंगे.


विदेशी महिलाओं के दल ने बताई थी खामियां-
जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में चल रही गरिमा हेल्पलाइन का कुछ महीनों पहले विदेशी महिलाओं के दल ने दौरा किया था. इस दल में नीदरलैंड और यूरोप की महिलाएं शामिल थी. उस समय दल ने गरिमा हेल्पलाइन को लेकर खामियां भी बताई थी. विदेशी महिलाओं ने कहा था कि एक महिला के भरोसे यह गरिमा हेल्पलाइन कैसे चल रही है. यहां उनके लिए को सहायक कर्मचारी भी नहीं है.

गरिमा हेल्पलाइन में आई कुछ शिकायतें-

शास्त्री नगर निवासी एक महिला ने गरिमा हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया था कि मेरी कुछ साल पहले अरमान नाम के लड़के से जान पहचान हुई थी और उसके पास मेरी फोटो भी है. वह मेरी फोटो वायरल करने की धमकी दे रहा है और मुझे बहुत डर लग रहा है.

यह भी पढ़ें- जयपुर: नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के वन्यजीवों की दिनचर्या और डाइट में हुआ बदलाव, ठंड से बचाने के लिए विशेष प्रबंध

नागौर निवासी महिला ने बुधवार रात गरिमा हेल्पलाइन पर फोन किया और बताया कि उसका पति रोज शराब पीकर मारपीट कर रहा है। किसी से हेल्पलाइन का नंबर लिया है. महिला ने बताया कि वह पति की मारपीट से दुखी है और उसने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई. हैदराबाद में रहने वाले एक भाई ने गरिमा हेल्पलाइन पर मेल के जरिए अपनी बहन के लिए शिकायत की. उसने शिकायत की है कि सिकंदरा में बहन से छेड़छाड़ हो रही है, बहन परेशान है अत आपसे निवेदन है कि इस मामले में मदद कीजिए. कई बार पुलिस को भी सूचना कर दी गई है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है.

वर्तमान में यह है स्थिति-

2013 में गरिमा हेल्पलाइन पर 888 शिकायतें दर्ज हुई. इसी तरह से 2014 में 867, 2015 में 1297, 2016 में 1100 और 2017 में 1002, 2019 में अब तक 1 हजार शिकायतें गरिमा हेल्पलाइन पर दर्ज हो चुकी है. इन शिकायतों में से अधिकतर शिकायतों का निस्तारण हो चुका है. गरिमा हेल्पलाइन पर शिकायत 7891091111 पर कर सकते है या garima.helpline@gmail.com पर मेल से भी शिकायत की जा सकती है.

जयपुर. राज्य सरकार और जिला प्रशासन महिला सुरक्षा को लेकर हर बार दम्भ भरते नजर आते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आती है. जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में बनी गरिमा हेल्पलाइन की कोई सुध लेने वाला नहीं है. एक महिला काउंसलर के भरोसे ही जिला कलेक्ट्रेट में स्थित गरिमा हेल्पलाइन चल रही है. जिस जिला कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन के सभी हाकिम बैठते हैं. उनकी नाक के नीचे गरिमा हेल्पलाइन की दुर्दशा हो रही है.

गरिमा हेल्पलाइन की बदहाल स्थिति

आपको बता दें कि दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश में गरिमा हेल्पलाइन शुरू की थी. जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में इस गरिमा हेल्पलाइन का संचालन किया जाता है. गरिमा हेल्पलाइन की मॉनिटरिंग के लिए एडीएम और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है. जयपुर जिला कलेक्टर को इसका अध्यक्ष बनाया गया, लेकिन 2013 के बाद इस कमेटी के आज तक कोई बैठक नहीं हुई.

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पहले यह गरिमा हेल्पलाइन जिला कलेक्ट्रेट में पोर्च के पास ही एक कमरे में चलती थी, लेकिन कुछ महीनों पहले गरिमा हेल्पलाइन को जिला कलेक्ट्रेट के एक कोने में हस्तांतरित कर दिया गया. यहां तक पहुंचने में भी पीड़ितों को मशक्क़त करनी पड़ती है. यह गरिमा हेल्पलाइन एक काउंसलर के ही भरोसे चल रही है और पूरे प्रदेश भर से यहां शिकायतें आती है. 2012 में गहलोत सरकार के समय शुरू हुई. इस गरिमा हेल्पलाइन में अब तक करीब 7 हजार शिकायतें आ चुकी है और अधिकतर शिकायतों का निस्तारण भी हो गया है. पूर्व कलेक्टर जगरूप सिंह यादव के समय भी इस मामले को पहुंचाया गया था लेकिन उन्होंने भी इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया. अब नए कलेक्टर जोगाराम बने हैं और महिलाओं को उम्मीद है कि नए कलेक्टर जोगाराम इस गरिमा हेल्पलाइन के बारे में कुछ ना कुछ जरूर करेंगे.


विदेशी महिलाओं के दल ने बताई थी खामियां-
जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में चल रही गरिमा हेल्पलाइन का कुछ महीनों पहले विदेशी महिलाओं के दल ने दौरा किया था. इस दल में नीदरलैंड और यूरोप की महिलाएं शामिल थी. उस समय दल ने गरिमा हेल्पलाइन को लेकर खामियां भी बताई थी. विदेशी महिलाओं ने कहा था कि एक महिला के भरोसे यह गरिमा हेल्पलाइन कैसे चल रही है. यहां उनके लिए को सहायक कर्मचारी भी नहीं है.

गरिमा हेल्पलाइन में आई कुछ शिकायतें-

शास्त्री नगर निवासी एक महिला ने गरिमा हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया था कि मेरी कुछ साल पहले अरमान नाम के लड़के से जान पहचान हुई थी और उसके पास मेरी फोटो भी है. वह मेरी फोटो वायरल करने की धमकी दे रहा है और मुझे बहुत डर लग रहा है.

यह भी पढ़ें- जयपुर: नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के वन्यजीवों की दिनचर्या और डाइट में हुआ बदलाव, ठंड से बचाने के लिए विशेष प्रबंध

नागौर निवासी महिला ने बुधवार रात गरिमा हेल्पलाइन पर फोन किया और बताया कि उसका पति रोज शराब पीकर मारपीट कर रहा है। किसी से हेल्पलाइन का नंबर लिया है. महिला ने बताया कि वह पति की मारपीट से दुखी है और उसने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई. हैदराबाद में रहने वाले एक भाई ने गरिमा हेल्पलाइन पर मेल के जरिए अपनी बहन के लिए शिकायत की. उसने शिकायत की है कि सिकंदरा में बहन से छेड़छाड़ हो रही है, बहन परेशान है अत आपसे निवेदन है कि इस मामले में मदद कीजिए. कई बार पुलिस को भी सूचना कर दी गई है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है.

वर्तमान में यह है स्थिति-

2013 में गरिमा हेल्पलाइन पर 888 शिकायतें दर्ज हुई. इसी तरह से 2014 में 867, 2015 में 1297, 2016 में 1100 और 2017 में 1002, 2019 में अब तक 1 हजार शिकायतें गरिमा हेल्पलाइन पर दर्ज हो चुकी है. इन शिकायतों में से अधिकतर शिकायतों का निस्तारण हो चुका है. गरिमा हेल्पलाइन पर शिकायत 7891091111 पर कर सकते है या garima.helpline@gmail.com पर मेल से भी शिकायत की जा सकती है.

Intro:जयपुर। जयपुर जिले में 2012 में गरिमा हेल्पलाइन को शुरू किया गया। गरिमा हेल्पलाइन को बने 7 साल गुजर चुके हैं, 5 जिला कलेक्टर भी बदल चुके हैं। इसके बावजूद भी गरिमा हेल्पलाइन की सूरत नहीं बदल पाई। जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में गरिमा हेल्पलाइन दम तोड़ती नजर आ रही है।


Body:राज्य सरकार और जिला प्रशासन महिला सुरक्षा को लेकर हर बार दम्भ भरते नजर आते हैं लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आती है। जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में बनी गरिमा हेल्पलाइन की कोई सुध लेने वाला नहीं है। एक महिला काउंसलर के भरोसे ही जिला कलेक्ट्रेट में स्थित गरिमा हेल्पलाइन चल रही है। जिस जिला कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन के सभी हाकिम बैठते हैं उनकी नाक के नीचे गरिमा हेल्पलाइन की दुर्दशा हो रही है।
आपको बता दें कि दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश में गरिमा हेल्पलाइन शुरू की थी। जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में इस गरिमा हेल्पलाइन का संचालन किया जाता है गरिमा हेल्पलाइन की मॉनिटरिंग के लिए एडीएम और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है जयपुर जिला कलेक्टर को इसका अध्यक्ष बनाया गया लेकिन 2013 के बाद इस कमेटी के आज तक कोई बैठक नहीं हुई।
पहले यह गरिमा हेल्पलाइन जिला कलेक्ट्रेट में पोर्च के पास ही एक कमरे में चलती थी लेकिन कुछ महीनों पहले गरिमा हेल्पलाइन को जिला कलेक्ट्रेट के एक कोने में हस्तांतरित कर दिया गया। यहाँ तक पहुंचने में भी पीड़ितों को मशक्क़त करनी पड़ती है। यह गरिमा हेल्पलाइन एक काउंसलर के ही भरोसे चल रही है और पूरे प्रदेश भर से यहां शिकायतें आती है। 2012 में गहलोत सरकार के समय शुरू हुई इस गरिमा हेल्पलाइन में अब तक करीब 7 हजार शिकायतें आ चुकी है और अधिकतर शिकायतों का निस्तारण भी हो गया है। पूर्व कलेक्टर जगरूप सिंह यादव के समय भी इस मामले को पहुंचाया गया था लेकिन उन्होंने भी इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया। अब नए कलेक्टर जोगाराम बने हैं और महिलाओं को उम्मीद है कि नए कलेक्टर जोगाराम इस गरिमा हेल्पलाइन के बारे में कुछ ना कुछ जरूर करेंगे।

विदेशी महिलाओं के दल ने बताई थी खामियां-
जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में चल रही गरिमा हेल्पलाइन का कुछ महीनों पहले विदेशी महिलाओं के दल ने दौरा किया था। इस दल में नीदरलैंड और यूरोप की महिलाएं शामिल थी। उस समय दल ने गरिमा हेल्पलाइन को लेकर खामियां भी बताई थी। विदेशी महिलाओ ने कहा था कि एक महिला के भरोसे यह गरिमा हेल्पलाइन कैसे चल रही है। यहाँ उनके लिए को सहायक कर्मचारी भी नही है।

गरिमा हेल्पलाइन में आई कुछ शिकायतें-
-शास्त्री नगर निवासी एक महिला ने गरिमा हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि मेरी कुछ साल पहले अरमान नाम के लड़के से जान पहचान हुई थी और उसके पास मेरी फोटो भी है। वह मेरी फोटो वायरल करने की धमकी दे रहा है और मुझे बहुत डर लग रहा है।
-नागौर निवासी महिला ने बुधवार रात गरिमा हेल्पलाइन पर फोन किया और बताया कि उसका पति रोज शराब पीकर मारपीट कर रहा है। किसी से हेल्पलाइन का नंबर लिया है। महिला ने बताया कि वह पति की मारपीट से दुखी है और उसने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई।
-हैदराबाद में रहने वाले एक भाई ने गरिमा हेल्पलाइन पर मेल के जरिए अपनी बहन के लिए शिकायत की। उसने शिकायत की है कि सिकंदरा में बहन से छेड़छाड़ हो रही है, बहन परेशान है अत आपसे निवेदन है कि इस मामले में मदद कीजिए। कई बार पुलिस को भी सूचना कर दी गई है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

वर्तमान में यह है स्थिति-
2013 में गरिमा हेल्पलाइन पर 888 शिकायतें दर्ज हुई। इसी तरह से 2014 में 867, 2015 में 1297, 2016 में 1100 और 2017 में 1002, 2019 में अब तक 1000 शिकायतें गरिमा हेल्पलाइन पर दर्ज हो चुकी है। इन शिकायतों में से अधिकतर शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। गरिमा हेल्पलाइन पर शिकायत 7891091111 पर कर सकते है या garima.helpline@gmail.com पर मेल से भी शिकायत की जा सकती है।




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