चेन्नई: अभिनेता-राजनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रमुख विजय ने तमिलनाडु के महाबलीपुरम में अपनी पार्टी की पहली वर्षगांठ मनाई और एक भव्य सार्वजनिक मीटिंग आयोजित की, जिसने तमिलनाडु में होने वाले 2026 के विधानसाभ चुनावों से पहले एक राजनीतिक प्रदर्शन के लिए मंच तैयार किया. इस दौरान चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने विजय के साथ मंच शेयर किया.
टीवीके नेता विजय ने उन्हें मंच पर आमंत्रित किया और उन्हें तिरुक्कुरल और पेरियार की मूर्ति भेंट कर सम्मानित किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि आगामी विधान सभा चुनावों में टीवीके की जीत को मेरी जीत नहीं माना जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, "पिछले कुछ हफ्तों से टीवीके और प्रशांत किशोर को लेकर मीडिया में कई तरह की बातें चल रही हैं. इस परिस्थितियों में मैंने इस कार्यक्रम में भाग लिया है.आगामी विधान सभा चुनावों में टीवीके की जीत को मेरी जीत नहीं माना जाना चाहिए."
किशोर ने कहा, "टीवीके के प्रत्येक सदस्य की कड़ी मेहनत का पुरस्कार आगामी चुनावों में मिलने वाली जीत है. मैं टीवीके कार्यकर्ताओं के चुनाव कार्यों का समर्थन करूंगा. मैंने पिछले 4 साल से चुनाव रणनीतिकार का काम नहीं किया है. मैंने पिछले 2021 के विधान सभा चुनावों में तमिलनाडु में एक पार्टी के लिए काम किया. मैंने पश्चिम बंगाल में भी एक पार्टी के लिए काम किया. उसके बाद मैंने चुनावों में किसी के लिए काम नहीं किया. मैंने रिटायर्मेंट का ऐलान किया था."
'TVK को चुनावी रणनीति की जरूरत नहीं'
मशहूर रणनीतिकार ने कहा, "मेरी चुनावी रणनीति की TVK को जरूरत नहीं है. लेकिन मैं अपने दोस्त और भाई विजय की मदद करने आया हूं. जहां तक मेरा सवाल है, विजय कोई नेता नहीं है, लेकिन वे तमिलनाडु की उम्मीद है. इसी तरह, मैं TVK को एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर नहीं देखता. मैं इसे एक नए राजनीतिक आंदोलन के तौर पर देखता हूं. आप जानते हैं कि पिछले 30 से 35 सालों से तमिलनाडु में क्या हो रहा है?. अब इसे बदलने का समय आ गया है. मुझे पूरा भरोसा है कि विजय के नेतृत्व वाली TVK तमिलनाडु में बदलाव लाएगी.
'मुझे तमिलनाडु के लोग बहुत पसंद हैं'
उन्होंने आगे कहा, "मैं विजय की लगन, सबको सब कुछ उपलब्ध कराने की उनकी इच्छा और सबको अवसर देने के उनके चरित्र को देखकर यहां खड़ा हूं. मुझे तमिलनाडु के लोग बहुत पसंद हैं. मैं तमिलनाडु की राजनीति के बारे में थोड़ा बहुत जानता हूं. मैंने इस पर कुछ रिसर्च की है. इसलिए मैं आपसे वादा करता हूं. अगर TVK अगला चुनाव जीतती है, तो यहां बैठे कई लोग विधायक और मंत्री बनेंगे. मैं ये बात लिखकर भी दूंगा. मैं अभी तमिल बोलने की ट्रेनिंग ले रहा हूं. मैं दृढ़ता से कहता हूं कि मैं 2026 के चुनावों में टीवीके विजय समारोह में तमिल में बोलूंगा. मैंने देश के विभिन्न राज्यों में चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम किया है. हर राज्य में अलग-अलग समस्याएं हैं. मेरी राय में, शिक्षा से जुड़े मामलों में गुजरात मॉडल बेहतर है. विकास से जुड़े मामलों में तमिलनाडु मॉडल बेहतर है.
तमिलनाडु मॉडल की मौजूदा स्थिति क्या है?
उन्होंने बताया कि तमिलनाडु मॉडल भ्रष्टाचार, सांप्रदायिकता और वंशवाद में उलझा हुआ है. तमिलनाडु को भ्रष्टाचार, सांप्रदायिकता और वंशवाद जैसी समस्याओं से मुक्त होना चाहिए. मेरा मानना है कि तमिलनाडु में टीवीके की सरकार बनने पर यह स्थिति बदलेंगी. तमिलनाडु विभिन्न क्षेत्रों में अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा एडवांस है. लेकिन भ्रष्टाचार तमिलनाडु के विकास में बाधा डालता है. राजनीति में भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाना असंभव है. भले ही हम दावा करते हैं कि भारत एक विकसित देश है, लेकिन 20 प्रतिशत आबादी सांप्रदायिक दंगों के डर में है.
सांप्रदायिकता विरोधी स्थिति में तमिलनाडु
यह गर्व की बात है कि तमिलनाडु हमेशा से सांप्रदायिकता विरोधी रहा है. हालांकि, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आने वाले समय में तमिलनाडु किसी भी सांप्रदायिकता को जगह न दे. वंशवाद का कोई बड़ा विरोध नहीं है. वंशवाद की राजनीति के परिणामों के बारे में बहुत अधिक समझ नहीं है. उदाहरण के लिए, अगर केवल गावस्कर और कपिल देव के बेटे खेल रहे होते, तो हमारे पास सचिन और धोनी जैसे महान खिलाड़ी नहीं होते.
किशोर ने कहा, "मैं तमिलनाडु में धोनी से ज़्यादा लोकप्रिय नहीं हूं, लेकिन अगर मैं TVK को अगले साल विधानसभा चुनाव जीतने में मदद करता हूं, तो मैं धोनी से ज़्यादा लोकप्रिय हो जाऊंगा. TVK कार्यकर्ताओं को साहस, करुणा और समर्पण का अभ्यास करना चाहिए. हमें अगले 100 दिनों के भीतर TVK सदस्यों की संख्या 10 गुना बढ़ानी चाहिए.
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