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Ajmer ACB Court : डेढ़ लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार मामा-भांजे को 1 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा - ETV Bharat Rajasthan News

डेढ़ लाख रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार टोंक जिले के टोडारायसिंह नगरपालिका (Bribe case in Tonk) चैयरमेन भरत लाल सैनी और उनके भांजे दिनेश कुमार सैनी को अजमेर एसीबी कोर्ट ने 1 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है.

Accused arrested in bribe case in tonk
टोंक में रिश्वत केस में गिरफ्तार मामा भांजा
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Published : Jul 19, 2022, 6:40 PM IST

अजमेर. टोंक जिले के टोडारायसिंह नगरपालिका चैयरमेन भरत लाल सैनी और उनके भांजे दिनेश कुमार सैनी को टोंक एसीबी ने अजमेर में (Ajmer ACB Court) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष कोर्ट में पेश किया. जहां से दोनों को 1 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है. टोंक एसीबी ने दोनों आरोपियों को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों सोमवार को गिरफ्तार किया था.

जानकारी के मुताबिक परिवादी अनीस मोहम्मद अपने दोस्त साजिद अली के साथ नगर पालिका सीमा क्षेत्र से बाहर जमीन पर प्लॉटिंग कर रहा था. इस दौरान टोडारायसिंह नगर पालिका चैयरमैन भरत लाल सैनी और उसका भांजा दिनेश कुमार सैनी पंहुच गए और प्लॉटिंग करने के एवज में परिवादी से 5 लाख रुपये रिश्वत की डिमांड करने लगे. मौके पर ही भरत लााल ने डरा धमका कर परिवादी से 20 हजार रुपये ले लिए थे. इसके बाद उन दोनों के बीच साढ़े 3 लाख रुपये में सौदा तय हुआ.

पढ़ें.ACB action in Dungarpur: कॉपरेटिव बैंक प्रधान कार्यालय और कनबा ब्रांच मैनेजर 1.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

आरोपी परिवादी पर रिश्वत की राशि देने का दबाव (Bribe case in Tonk) बना रहे थे. जिसपर परिवादी ने टोंक एसीबी को मामले की शिकायत दी थी. एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया. इस दौरान परिवादी और आरोपियों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग एसीबी को मिल गई. मामले की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने सोमवार को डेढ़ लाख की रिश्वत लेते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था.

कोर्ट ने 1 अगस्त तक के लिए भेजा जेल: अभियोजन विभाग में सहायक निदेशक सत्यनारायण सितारा ने बताया कि टोंक एसीबी ने आरोपी चेयरमैन भरत लाल सैनी और उसके भांजे दिनेश कुमार सैनी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया. जिसके बाद एसीबी कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 1 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया है. चितारा ने बताया कि परिवादी की जमीन नगर पालिका सीमा के बाहर ग्रामीण क्षेत्र में थी. बावजूद इसके नगर पालिका चेयरमैन भरत लाल अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जबरन प्लॉटिंग रुकवाने गए. साथ ही परिवादी पर दबाव बनाकर रिश्वत की डिमांड की गई. एसीबी प्रकरण में अनुसंधान कर रही है.

अजमेर. टोंक जिले के टोडारायसिंह नगरपालिका चैयरमेन भरत लाल सैनी और उनके भांजे दिनेश कुमार सैनी को टोंक एसीबी ने अजमेर में (Ajmer ACB Court) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष कोर्ट में पेश किया. जहां से दोनों को 1 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है. टोंक एसीबी ने दोनों आरोपियों को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों सोमवार को गिरफ्तार किया था.

जानकारी के मुताबिक परिवादी अनीस मोहम्मद अपने दोस्त साजिद अली के साथ नगर पालिका सीमा क्षेत्र से बाहर जमीन पर प्लॉटिंग कर रहा था. इस दौरान टोडारायसिंह नगर पालिका चैयरमैन भरत लाल सैनी और उसका भांजा दिनेश कुमार सैनी पंहुच गए और प्लॉटिंग करने के एवज में परिवादी से 5 लाख रुपये रिश्वत की डिमांड करने लगे. मौके पर ही भरत लााल ने डरा धमका कर परिवादी से 20 हजार रुपये ले लिए थे. इसके बाद उन दोनों के बीच साढ़े 3 लाख रुपये में सौदा तय हुआ.

पढ़ें.ACB action in Dungarpur: कॉपरेटिव बैंक प्रधान कार्यालय और कनबा ब्रांच मैनेजर 1.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

आरोपी परिवादी पर रिश्वत की राशि देने का दबाव (Bribe case in Tonk) बना रहे थे. जिसपर परिवादी ने टोंक एसीबी को मामले की शिकायत दी थी. एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया. इस दौरान परिवादी और आरोपियों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग एसीबी को मिल गई. मामले की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने सोमवार को डेढ़ लाख की रिश्वत लेते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था.

कोर्ट ने 1 अगस्त तक के लिए भेजा जेल: अभियोजन विभाग में सहायक निदेशक सत्यनारायण सितारा ने बताया कि टोंक एसीबी ने आरोपी चेयरमैन भरत लाल सैनी और उसके भांजे दिनेश कुमार सैनी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया. जिसके बाद एसीबी कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 1 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया है. चितारा ने बताया कि परिवादी की जमीन नगर पालिका सीमा के बाहर ग्रामीण क्षेत्र में थी. बावजूद इसके नगर पालिका चेयरमैन भरत लाल अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जबरन प्लॉटिंग रुकवाने गए. साथ ही परिवादी पर दबाव बनाकर रिश्वत की डिमांड की गई. एसीबी प्रकरण में अनुसंधान कर रही है.

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