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लू लगने से भगवान हुए बीमार, आयुर्वेदिक दवाईयों से चल रहा इलाज, अजब-गजब मान्यताएं

रीवा में बने प्राचीनतम जगन्नाथ मंदिर में लू लगने से भगवान जगन्नाथ बीमार हो गये हैं. मान्यता है कि हर साल जेठ के महीने में भगवान जगन्नाथ स्वामी लू लगने से बीमार हो जाते हैं. करीब 150 साल से यह प्रथा चलती आ रही है. फिलहाल आयुर्वेदिक दवाइयों से उनका इलाज किया जा रहा है.

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Published : Jun 19, 2019, 6:11 PM IST

जगन्नाथ मंदिर

रीवा। बिछिया मोहल्ले के प्राचीनतम जगन्नाथ मंदिर में लू लगने से भगवान जगन्नाथ बीमार हो गए हैं. फिलहाल आयुर्वेदिक दवाईयों से उनका इलाज किया जा रहा है. भगवान का इलाज कर रहे आयुर्वेदाचार्य ने जल्द ही उनके स्वस्थ होने की उम्मीद जताई है. जगन्नाथ मंदिर में मान्यता है कि हर साल जेठ के महीने में भगवान जगन्नाथ स्वामी भीषण गर्मी में लू लगने से बीमार हो जाते हैं. मंदिर में करीब 150 साल से यह प्रथा चलती आ रही है.

भीषण गर्मी से बीमार हुए जगन्नाथ भगवान

⦁ प्राचीनतम जगन्नाथ मंदिर में लू लगने से भगवान जगन्नाथ बीमार हो गये हैं.

⦁ आयुर्वेदिक दवाईयों से उनका इलाज किया जा रहा है.

⦁ इलाज कर रहे आयुर्वेदाचार्य ने जल्द ही उनके स्वस्थ होने की उम्मीद जताई है.

⦁ मान्यता है कि हर साल जेठ के महीने में भगवान जगन्नाथ स्वामी भीषण गर्मी में लू लगने से बीमार हो जाते हैं.

⦁ जेठ मास की पूर्णिमा से लगातार पंद्रह दिन तक बीमार रहने वाले भगवान जगन्नाथ स्वामी आषाढ़ मास की अमावस्या के दिन स्वस्थ हो जाते हैं.

⦁ मंदिर में करीब 150 साल से यह प्रथा चलती आ रही है.

⦁ स्वस्थ होने पर गाजे-बाजे के साथ भगवान की शहर में यात्रा निकाली जाएगी.

⦁ यात्रा के बाद भगवान मंदिर में दोबारा विश्राम करेंगे.

रीवा। बिछिया मोहल्ले के प्राचीनतम जगन्नाथ मंदिर में लू लगने से भगवान जगन्नाथ बीमार हो गए हैं. फिलहाल आयुर्वेदिक दवाईयों से उनका इलाज किया जा रहा है. भगवान का इलाज कर रहे आयुर्वेदाचार्य ने जल्द ही उनके स्वस्थ होने की उम्मीद जताई है. जगन्नाथ मंदिर में मान्यता है कि हर साल जेठ के महीने में भगवान जगन्नाथ स्वामी भीषण गर्मी में लू लगने से बीमार हो जाते हैं. मंदिर में करीब 150 साल से यह प्रथा चलती आ रही है.

भीषण गर्मी से बीमार हुए जगन्नाथ भगवान

⦁ प्राचीनतम जगन्नाथ मंदिर में लू लगने से भगवान जगन्नाथ बीमार हो गये हैं.

⦁ आयुर्वेदिक दवाईयों से उनका इलाज किया जा रहा है.

⦁ इलाज कर रहे आयुर्वेदाचार्य ने जल्द ही उनके स्वस्थ होने की उम्मीद जताई है.

⦁ मान्यता है कि हर साल जेठ के महीने में भगवान जगन्नाथ स्वामी भीषण गर्मी में लू लगने से बीमार हो जाते हैं.

⦁ जेठ मास की पूर्णिमा से लगातार पंद्रह दिन तक बीमार रहने वाले भगवान जगन्नाथ स्वामी आषाढ़ मास की अमावस्या के दिन स्वस्थ हो जाते हैं.

⦁ मंदिर में करीब 150 साल से यह प्रथा चलती आ रही है.

⦁ स्वस्थ होने पर गाजे-बाजे के साथ भगवान की शहर में यात्रा निकाली जाएगी.

⦁ यात्रा के बाद भगवान मंदिर में दोबारा विश्राम करेंगे.

Intro:गर्मी के मौसम में अक्सर लोगों के बीमार पड़ने की खबर तो आपने सुनी होगी लेकिन भगवान को गर्मी में लू लगने की खबर शायद ही सुनी होगी जी हां रीवा में इन दिनों भगवान बीमार हो गए हैं आयुर्वेदिक दवाइयों से उनका लगातार उपचार भी किया जा रहा है.. साथ ही भगवान का इलाज कर रहे आयुर्वेदाचार्य ने जल्द ही उनके स्वस्थ होने की बात भी कही है..


Body:दरअसल रीवा जिले के बिछिया मोहल्ले में भगवान जगन्नाथ स्वामी अब बीमार पड़ चुके हैं लोगों की आस्था का केंद्र बने इस शहर के प्राचीनतम जगन्नाथ मंदिर में मान्यता के अनुसार प्रत्येक वर्ष जेठ मास में भगवान जगन्नाथ स्वामी इस भीषण गर्मी में लू लगने से बीमार हो गए हैं जिनका वैद्य के द्वारा उपचार भी चल रहा है..

हिंदू मान्यता के अनुसार शहर के जगन्नाथ मंदिर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी जेठ मास की पूर्णिमा के दिन भगवान बीमार हो चुके हैं जिसके लिए शहर के वरिष्ठ वेद के द्वारा यहां उनका उपचार भी चल रहा है.. जेठ मास की पूर्णिमा से लगातार पंद्रह दिन तक बीमार रहने वाले भगवान जगन्नाथ स्वामी आषाढ़ मास की अमावस्या के दिन स्वस्थ होंगे जिसके बाद गाजे-बाजे के साथ भगवान जगन्नाथ स्वामी की नगर भर में यात्रा निकाली जाएगी तथा यात्रा के उपरांत भगवान मंदिर में पुनः विश्राम करेंगे..


बता दे कि राजा महाराजाओं के इस मंदिर में करीब 150 साल से यह प्रथा चलती आ रही है हर वर्ष गर्मियों के मौसम में भगवान बीमार पड़ जाते जिसके बाद नियमानुसार आयुर्वेदिक दवाओं के द्वारा इनका इलाज किया जाता है..


byte- मंदिर का पुजारी..



Conclusion:....
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