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आइए सुनते हैं मिठाई लाल के बुंदेली गीत - mithai lal chakraborty bundeli singer

बुंदेली गीत लंबे समय से मशहूर रहे हैं. इन्हें मशहूर करते हैं कुछ अच्छे गायक. उन्हीं में से एक मिठाई लाल चक्रवर्ती है, जिनसे ईटीवी भारत ने बातचीत की.

mithai Lal, Bundeli Singer
मिठाई लाल, बुंदेली गायक
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Published : Mar 7, 2021, 4:22 PM IST

जबलपुर। अपना एमपी-अपना लोकरंग में आज के हमारे खास मेहमान हैं जबलपुर के मिठाई लाल चक्रवर्ती, जो बुंदेली गीत गाते है. वह इन गीतों को खुद लिखते भी है. उनके ज्यादातर गीत स्थानीय परंपराओं, त्योहारों, विवाह और खेती के कामकाज से जुड़े हुए होते हैं.

जबलपुर के आसपास बड़े भू-भाग में बुंदेली बोली जाती है. बुंदेली के कई गायक जिनके गीत लोगों की जुबान पर लंबे समय से जुड़े हुए हैं. उन्हीं में से एक नाम मिठाई लाल चक्रवर्ती का भी है. मिठाई लाल चक्रवर्ती बुंदेली गीत गाने के लिए मशहूर है.

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त्योहार और विवाह के लोकगीत
मिठाई लाल के ज्यादातर गीत परंपराओं, त्योहारों और खेती के कामकाज से जुड़े हुए होते हैं. इसके अलावा मिठाई लाल ने बहुत सारे गीत विवाह की परंपरा से जुड़े हुए भी गाए हैं. मिठाई लाल का कहना है कि इन गीतों में रस होता है, भावनाएं होती हैं. वहीं उनका ये भी कहना है कि परंपराओं से जुड़े हुए कई बुंदेली गीत इस पूरे अंचल में मशहूर हैं, जो अभी भी विवाह की परंपरा के दौरान गाए जाते हैं.

मिठाई लाल के बुंदेली गीत
अपने पिता से मिली थी गीत गाने की कलामिठाई लाल ने अपने पिता से गीत गाना सिखा था. उस समय संचार के माध्यम नहीं थे, लेकिन लोग चौपाल पर बैठकर इन गीतों को गाते थे.

जबलपुर। अपना एमपी-अपना लोकरंग में आज के हमारे खास मेहमान हैं जबलपुर के मिठाई लाल चक्रवर्ती, जो बुंदेली गीत गाते है. वह इन गीतों को खुद लिखते भी है. उनके ज्यादातर गीत स्थानीय परंपराओं, त्योहारों, विवाह और खेती के कामकाज से जुड़े हुए होते हैं.

जबलपुर के आसपास बड़े भू-भाग में बुंदेली बोली जाती है. बुंदेली के कई गायक जिनके गीत लोगों की जुबान पर लंबे समय से जुड़े हुए हैं. उन्हीं में से एक नाम मिठाई लाल चक्रवर्ती का भी है. मिठाई लाल चक्रवर्ती बुंदेली गीत गाने के लिए मशहूर है.

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त्योहार और विवाह के लोकगीत
मिठाई लाल के ज्यादातर गीत परंपराओं, त्योहारों और खेती के कामकाज से जुड़े हुए होते हैं. इसके अलावा मिठाई लाल ने बहुत सारे गीत विवाह की परंपरा से जुड़े हुए भी गाए हैं. मिठाई लाल का कहना है कि इन गीतों में रस होता है, भावनाएं होती हैं. वहीं उनका ये भी कहना है कि परंपराओं से जुड़े हुए कई बुंदेली गीत इस पूरे अंचल में मशहूर हैं, जो अभी भी विवाह की परंपरा के दौरान गाए जाते हैं.

मिठाई लाल के बुंदेली गीत
अपने पिता से मिली थी गीत गाने की कलामिठाई लाल ने अपने पिता से गीत गाना सिखा था. उस समय संचार के माध्यम नहीं थे, लेकिन लोग चौपाल पर बैठकर इन गीतों को गाते थे.
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