छिंदवाड़ा। जिले के पांढुर्णा में एक गरीब परिवार पिछले तीन सालों से बिजली कनेक्शन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा रहा था. कई अर्जियां दीं, मदद की गुहार लगाई लेकिन अफसरों ने नजरअंदाज कर दिया. जब सब दरवाजे बंद हो गए तो पूरा परिवार भूख हड़ताल पर बैठ गया. जिसमें 90 साल की बुजुर्ग महिला भी शामिल थीं. आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा और परिवार को बिजली कनेक्शन दिया गया.
सिवनी गांव का मामला
मामला पांढुर्णा के सिवनी गांव का है. जहां गणेश किनकर का परिवार रहता है. वे लंबे समय से घर का बिजली कनेक्शन लेना चाहते थे. लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते उन्हें कनेक्शन नहीं दिया. पूरा परिवार अंधेरे में जीवन गुजार रहा था.
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हक के लिए संघर्ष
जब अधिकारियों ने सुनना बंद कर दिया तो पूरे परिवार ने सिस्टम से टकारने की ठान ली. गांधीवादी तरीके से अपना हक मांगन शुरू किया. इसके लिए 11 जनवरी को पांढुर्णा कृषि उपज मंडी के गेट पर पूरा परिवार भूख हड़ताल पर बैठ गया. जिसकी अगुवाई कर रहीं थीं, सबसे उम्रदराज सदस्य अंजीराबाई किनकर. संघर्ष काम आया 12 जनवरी को तहसीलदार ने आश्वासन दिया. तब भूख हड़ताल खत्म हुई.
एसडीएम मेघा शर्मा ने भी की मदद
परिवार की परेशानी के बारे में जब एसडीएम मेघा शर्मा को पता चला तो उन्होंने भी मदद की. जिसके चलते अंत में अंजीराबाई किनकर के घर तक बिजली पहुंच गई और पूरा घर रोशनी से जगमगा गया. बिजली कनेक्शन मिलने के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है.