भोपाल। सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित सहकारी समितियों में विधायक और सांसद को अध्यक्ष बनाया जा सकता है. आज होने वाली कैबिनेट की वर्चुअल बैठक में मध्य प्रदेश सहकारी सोसायटी संशोधन अधिनियम 2020 को मंजूरी मिल सकती है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में वर्चुअल कैबिनेट सुबह 11 बजे से शुरू होगी. कैबिनेट की बैठक में सहकारी सोसायटी संशोधन अधिनियम 2020 को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर सरकार से जुड़े नेताओं को फायदा होगा.
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इस फैसले के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और अपेक्स बैंक में प्रशासक के साथ सलाहकार समिति भी बनाई जा सकेगी. समिति में सदस्य बनाने की सहमति पंजीयक सहकारिता द्वारा दी जाएगी. सहकारी समिति की कैपिसिटी 25 प्रतिशत होने की लिमिट बढ़ाई जा सकती है. सरकार इस फैसले के बाद पार्टी के सीनियर विधायकों को इन सहकारी सोसाइटियों में एडजस्ट कर सकेगी.
सरकार 27 विधानसभा सीटों के प्रस्तावित उपचुनाव को देखते हुए फिलहाल किसी को नाराज नहीं करना चाहती. सरकार इसको लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में अधिनियम लाने की तैयारी में थी, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से सत्र नहीं हो पाया. अब सरकार अध्यादेश के माध्यम से संशोधन लाने जा रही है. कैबिनेट की बैठक में औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के तहत उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए निर्णय लिया जा सकता है.
कोरोना को देखते हुए सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्र से कैबिनेट की बैठक में एनआईसी के माध्यम से शामिल होंगे. ये शिवराज सरकार की तीसरी वर्चुअल कैबिनेट बैठक है.