भोपाल (PTI)। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को कहा कि "प्रदेश के 24 छात्र इस समय दंगा प्रभावित मणिपुर में हैं और लौटने के इच्छुक लोगों को कोलकाता के रास्ते नियमित उड़ानों से वापस लाया जाएगा." मंगलवार 9 मई को मध्य प्रदेश के 24 छात्रों को मणिपुर से प्रदेश लाया जाएगा. उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि "मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह से फोन पर बात की है." गौरतलब है कि मणिपुर में बहुसंख्यक मेइती समुदाय द्वारा उसे अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग को लेकर विरोध जारी है. इसमें आदिवासियों द्वारा मणिपुर के 10 पहाड़ी जिलों में प्रदर्शन किए जाने के बाद पिछले बुधवार को हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें कम से कम 54 लोगों की मौत हो गई थी.
मणिपुर से छात्रों को लाया जाएगा: अधिकारियों ने कहा कि "अब तक 23,000 लोगों को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से बचाया गया है और सैन्य छावनियों में ले जाया गया है." मणिपुर में छात्रों के फंसे होने के बारे में पूछे जाने पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि "अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के 24 छात्र उत्तर-पूर्वी राज्य में हैं." नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि "हमें मणिपुर में मध्य प्रदेश के 24 छात्रों में से 12 के फोन नंबर मिले हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मणिपुर के मुख्यमंत्री से बात की है. इसके अलावा गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मणिपुर में प्रशासन के संपर्क में हैं."
नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा कि "कुछ छात्रों ने यह कहते हुए लौटने से इनकार कर दिया कि वे अभी सुरक्षित हैं. ऐसे लोगों की संख्या बताए बिना कहा कि जो लोग वापस लौटना चाहते हैं उन्हें नियमित उड़ानों से कोलकाता के रास्ते मध्य प्रदेश लाया जाएगा. मुख्यमंत्री चौहान ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से रविवार को फोन पर बात की और उन छात्रों के कुशलक्षेम तथा सुरक्षा पर चर्चा की, जो वर्तमान में दंगा प्रभावित राज्य में हैं.
अधिकारियों के अनुसार हिंसा प्रभावित मणिपुर में जनजीवन सामान्य हो रहा है. सोमवार सुबह कुछ घंटों के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई. राजधानी इंफाल में लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए अपने घरों से बाहर निकले. ड्रोन और हेलीकॉप्टरों से कड़ी नजर रखी जा रही है, जबकि सेना और असम राइफल्स के जवानों ने पिछले कुछ दिनों में जातीय हिंसा से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया.