भोपाल। प्रदेश में होने वाले 28 विधानसभास सीटों के उपचुनाव की तारीख की घोषणा होते ही उल्टी गिनती शुरू हो गई है. चुनाव आयोग के तारीखों का ऐलान किए जाने के बाद से ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है, सभी राजनीतिक दल उप चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं. लेकिन इस दौरान निर्वाचन आयोग के सामने कोरोना संक्रमण से बचाव करते हुए चुनाव को संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है, हालांकि इसके लिए भी पिछले 1 माह से समस्त निर्वाचन पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था. ताकि संक्रमण से बचाव करते हुए चुनाव कराए जा सके.
राजनीतिक दलों को भी हिदायत दी गई है कि आदर्श आचार संहिता और कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन नही करने पर कार्रवाई की जाएगी. जो नियम तय किए गए हैं उसका हर हाल में पालन करना ही होगा. इन्हीं सब विषयों को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीरा राणा ने उप चुनाव 2020 के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि, उप निर्वाचन की अधिसूचना 9 अक्टूबर को प्रकाशित होगी.
नाम निर्देशन-पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर निर्धारित की गई है. वहीं नाम निर्देशन-पत्रों की संमीक्षा 17 अक्टूबर को की जाएगी, और नाम निर्देशन-पत्रों की वापसी 19 अक्टूबर को होगी. मतदान 3 नवम्बर को होगा एवं मतगणना 10 नवम्बर को होगी, वहीं बैठक में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे बैठक में भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीरा राणा ने बताया कि मध्यप्रदेश में विधानसभा उप निर्वाचन तारीखों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है. आदर्श आचर संहिता के सभी प्रावधान संबंधित जिलों/विधानसभा क्षेत्रों और राजनैतिक दलों, उनके अभ्यर्थियों और सरकार पर लागू होंगे. आदर्श आचरण संहिता 7 जिलों ग्वालियर, मुरैना, सागर, इंदौर, बुरहानपुर, खण्डवा, देवास में जहां नगर पालिका निगम हैं, वहां केवल उसी विधानसभा क्षेत्र में प्रभावशील रहेगी. शेष 12 जिलों अनूपपुर, छतरपुर, रायसेन, मन्दसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, भिण्ड, दतिया, धार, आगर-मालवा और राजगढ़ में पूर्ण रूप से आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील रहेगी. इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि विधानसभा उप चुनाव क्षेत्रों में दिव्यांग और 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के लिए इस बार नई पहल की गई है. जहां पोस्टल बैलेट के माध्यम से वरिष्ठ नागरिक जो 80 साल से ज्यादा उम्र के हैं, मतदाता सूची में चिन्हित दिव्यांग व्यक्ति और कोविड-19 से प्रभावित या संदिग्ध व्यक्तियों को सुविधा दी जायेगी.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विधानसभा उप निर्वाचन में 9361 मतदान केन्द्रों पर मतदान होंगे, जिनमें 1441 सहायक मतदान केंद्र शामिल हैं. वहीं एक हजार से ज्यादा मतदाता वाले बूथ को सहायक मतदान केन्द्र बनाया गया है, जो सामान्यत: मूल मतदान केन्द्र के परिसर में ही स्थापित हैं.
प्रत्येक मतदान केन्द्र पर अनिवार्य न्यूनतम सुवधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. विधानसभा उपनिर्वाचन 2020 में 28 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 63 लाख 69 हजार 830 मतदाता हैं. जिनमें से 33 लाख 73 हजार 70 पुरूष मतदाता, 29 लाख 77 हजार 808 महिला मतदाता और 198 तृतीय लिंग मतदाता दर्ज हैं. सर्विस मतदाता 18 हजार 754 हैं, जिनमें 18 हजार 378 पुरूष एवं 376 महिला मतदाता हैं.
बैठक में बताया गया कि फार्म 6, 7 ,8, एवं 8क प्राप्त करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर 2020 निर्धारित की गई हैं. इन फार्मों के निराकरण की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर है. वहीं मतदाता सूची का मुद्रण 16 अक्टूबर तक होगा. साथ ही वोटर स्लिप का वितरण 23 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2020 तक किया जाएगा. कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार EVM की संख्या 120 प्रतिशत से बढ़ाकर 140 प्रतिशत और वीवीपैट की संख्या 130 प्रतिशत से बढ़ाकर 150 प्रतिशत की गई है.
उप चुनाव में कुल 24 हजार 3 बैलेट यूनिट का उपयोग होगा, जिसमें मतदान के लिये 9 हजार 361 का उपयोग किया जाएगा और 13 हजार 706 मशीनें आरक्षित की गई है, एवं 936 मशीनों का उपयोग प्रशिक्षण एवं जागरूकता के लिये किया जाएगा.
इसी प्रकार कुल 23 हजार 558 कंट्रोल यूनिट का उपयोग होगा, जिसमें मतदान के लिये 9 हजार 361 मशीनों का उपयोग होगा और 13 हजार 261 मशीनें आरक्षित की गई हैं, एवं 936 कंट्रोल यूनिट का उपयोग प्रशिक्षण एवं जागरूकता के लिये किया जाएगा. इसी के साथ कुल 23 हजार 53 वीवीपैट का उपयोग किया जाएगा, जिनमें से मतदान के लिये 9 हजार 361 का उपयोग किया जाएगा और 12 हजार 756 आरक्षित की गई हैं, एवं 936 वीवीपैट का उपयोग प्रशिक्षण एवं जागरूकता के लिये किया जाएगा.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि मतदान को सम्पन्न कराने के लिये लगभग 56 हजार मतदान कर्मी नियुक्त किये गये हैं. कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के तहत मतदान दलों के आवागमन के लिये पर्याप्त संख्या में वाहनों की व्यवस्था की गई है. मतदान दलों का तृतीय रेण्डमाईजेशन 24 घण्टों की जगह पर कोविड-19 के निर्देशों के पालन में 72 घंटे पहले में रखा गया है. बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से अपेक्षा की गई कि कोविड-19 के संबंध में आयोग के जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें.