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दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को वापस लाने के लिए जारी किए जाएंगे E-Pass

लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को वापस लाने की कवायद तेज हो गई है. इसके लिए सभी जिलों में ई-पास जारी किए जाएंगे. हॉटस्पॉट क्षेत्र इंदौर, भोपाल और उज्जैन में ये पास जारी नहीं हो सकेंगे.

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Published : Apr 27, 2020, 10:36 AM IST

E-pass will be issued to bring back people trapped in other states
दूसरे प्रदेशों में फंसे लोगों को लाने जारी होंगे e-pass

भोपाल। लॉकडाउन के चलते प्रदेश के हजारों लोग दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं, जिन्हें वापस लाने की कवायद तेज हो गई है. इसके लिए राज्य शासन ने सभी संभाग आयुक्त, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर ई-पास जारी करने के निर्देश दिए हैं. जिसके माध्यम से लोगों को वापस लाया जाएगा. हालांकि ये सुविधा हॉटस्पॉट बन चुके इंदौर, भोपाल और उज्जैन में नहीं दी जाएगी.

अपर मुख्य सचिव आईपीसी केशरी ने सभी कलेक्टरों को पत्र में लिखा है कि, दूसरे राज्यों में फंसे मध्यप्रदेश के लोग, जो वापस आना चाहते हैं. उनकी जानकारी कलेक्टरों को राज्य कंट्रोल रूम को देनी होगा. जिसके बाद ई-पास के लिए सभी का पोर्टल में पंजीयन किया जाएगा. वहीं लोगों को वापस लाने के लिए बस का इंतजाम करने की जिम्मेदारी कलेक्टर को दी गई है. इसके लिए परिवहन विभाग की मदद लेने की बात कही गई है. इसके साथ ही लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए, एक सीट पर एक ही व्यक्ति को बैठाने और सैनिटाइजर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.

वहीं लोगों को गांव तक पहुंचाने के लिए भी वाहन की व्यवस्था कराई जाएगी. इसी तरह प्रदेश के बाहर रुके वे लोग, जो अपने संसाधनों से प्रदेश में आना चाहते हैं. वे भी वेब पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें संबंधित जिले के अधिकारी द्वारा पास जारी किया जाएगा. सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि, प्रदेश में आने वाले लोगों का रिकॉर्ड रखा जाए और आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएं. इसके साथ ही सभी को 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन किया जाए.

भोपाल। लॉकडाउन के चलते प्रदेश के हजारों लोग दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं, जिन्हें वापस लाने की कवायद तेज हो गई है. इसके लिए राज्य शासन ने सभी संभाग आयुक्त, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर ई-पास जारी करने के निर्देश दिए हैं. जिसके माध्यम से लोगों को वापस लाया जाएगा. हालांकि ये सुविधा हॉटस्पॉट बन चुके इंदौर, भोपाल और उज्जैन में नहीं दी जाएगी.

अपर मुख्य सचिव आईपीसी केशरी ने सभी कलेक्टरों को पत्र में लिखा है कि, दूसरे राज्यों में फंसे मध्यप्रदेश के लोग, जो वापस आना चाहते हैं. उनकी जानकारी कलेक्टरों को राज्य कंट्रोल रूम को देनी होगा. जिसके बाद ई-पास के लिए सभी का पोर्टल में पंजीयन किया जाएगा. वहीं लोगों को वापस लाने के लिए बस का इंतजाम करने की जिम्मेदारी कलेक्टर को दी गई है. इसके लिए परिवहन विभाग की मदद लेने की बात कही गई है. इसके साथ ही लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए, एक सीट पर एक ही व्यक्ति को बैठाने और सैनिटाइजर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.

वहीं लोगों को गांव तक पहुंचाने के लिए भी वाहन की व्यवस्था कराई जाएगी. इसी तरह प्रदेश के बाहर रुके वे लोग, जो अपने संसाधनों से प्रदेश में आना चाहते हैं. वे भी वेब पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें संबंधित जिले के अधिकारी द्वारा पास जारी किया जाएगा. सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि, प्रदेश में आने वाले लोगों का रिकॉर्ड रखा जाए और आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएं. इसके साथ ही सभी को 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन किया जाए.

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