भोपाल। नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (NPCC) से जबलपुर, रीवा तथा शहडोल में आईटीआई के भवन निर्माण का काम श्री तिरुपति कंस्ट्रक्शन को दिया गया था. इसके लिए कंपनी के मालिक की ओर से 10 करोड़ 12 लाख रुपए तीन अलग-अलग फर्जी बैंक गारंटी प्रस्तुत की गई थीं. निर्माण का ठेका देने वाले एनपीसीसी के मैनेजर की ओर से मामले की शिकायत पुलिस को की गई थी. जैसे ही यह पूरा मामला क्राइम ब्रांच के पास पहुंचा तो कंपनी का मालिक नितिन सुभाष शर्मा फरार हो गया.
जोनल मैनेजर ने दर्ज कराई शिकायत : भोपाल क्राइम ब्रांच के सहायक आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान के अनुसार राजधानी भोपाल के शाहपुर थाना क्षेत्र के त्रिलंगा स्थित नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय कार्यालय के जोनल मैनेजर एमए मंसूरी ने साल 2021 में एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें श्री तिरुपति कन्सट्रक्शन के प्रोपाइटर नितिन सुभाष शर्मा द्वारा तीन फर्जी बैंक गारंटी प्रस्तुत करने की जानकारी दी गई थी. शिकायत में बताया गया कि एनपीसीसी एवं श्री तिरुपति कन्ट्रक्शन के बीच सितंबर 2018 को आईटीआई जबलपुर, आईटीआई रीवा, आईटीआई शहडोल के निर्माण कार्य का 113.4 करोड़ रुपये में अनुबंध हुआ था.
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आरोपी की लोकेशन नागपुर में मिली : अनुबंध के अनुसार श्री तिरुपति कन्ट्रक्शन को उक्त राशि का 5 प्रतिशत परफार्मेन्स बैंक गारंटी के रूप में एनपीसीसी को देना था, जो यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया नागपुर तथा यूको बैंक नागपुर के माध्यम से दी गई थी, जिनकी वैधता समाप्त होने पर श्री तिरुपति कन्ट्रक्शन ने नई बैंक गारंटी दी गई थी. मई 2021 में कंपनी द्वारा नई बैंक गारंटी संबंधी दस्तावेज दिए गए थे. उपरोक्त सभी बैंक गारंटी को एनपीसीसी द्वारा जब वेरीफाई किया गया तो संबंधित बैंकों द्वारा उक्त बैंक गारंटी जारी नहीं करने की बात बताई गई. जांच में सामने आया कि श्री तिरुपति कन्सट्रक्शन के मालिक नितिन सुभाष शर्मा द्वारा बैंक गारंटी कूटरचना कर धोखाधड़ी की गई. आरोपी सुभाष नितिन शर्मा को नागपुर से गिरफ्तार किया गया.