बालाघाट। उकवा माइंस प्रबंधन की एक बार फिर लापरवाही सामने आई है. यहां खदान धंसने से यहां काम कर रहे एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिसमें से एक मजदूर का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और दूसरे को गंभीर हालत में नागपुर रेफर किया गया है.
मॉयल प्रबंधन ने कुछ भी कहने से इनकार किया
इस मामले में मॉयल प्रबंधन ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. मृतक के परिजनों ने प्रबंधन द्वारा मामले को दबाने का आरोप लगाया है. हादसा मैग्नीज और इंडिया लिमिटेड (मॉयल) खदान के अंडरग्राउंड माइन्स में देर रात हुआ था. जब सेकंड लेवल के बॉटम पर आधा दर्जन मजदूर काम कर रहे थे, उसी बीच खदान धंस गई और उसका मलबा मजदूर के ऊपर गिर गया. मलबे में दबने से दुपेन्द्र कटरे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, वहीं रेख लाल को सिर और पैर में गंभीर चोट लगी है. वहीं एक मजदूर गौरीशंकर गंभीर हालत में निजी चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती है.
उकवा मॉयल में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
उकवा माइंस में खदान धंसने की यह कोई पहली घटना नहीं है. इसके पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन मजदूरों की सुरक्षा के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रही है. बताया जाता है कि मृतक मजदूर किसी प्राइवेट कंपनी के मजदूर हैं, उन्हें ठेकेदार द्वारा मॉयल खदान में काम करने भेजा गया था.
पुलिस कर रही कार्रवाई
वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि मामला रूपझर थाना क्षेत्र का है. जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि हादसा कैसे हुआ और इसमें किसकी लापरवाही है.