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झारखंड राजद के प्रधान महासचिव का सवाल- सहयोगी दल के नेता बताएं महागठबंधन में राजद के क्या हैं हक?

झारखंड राजद के प्रधान महासचिव संजय प्रसाद यादव पार्टी से नाराज नहीं चल रहे हैं. उन्होंने अपनी पार्टी से नाराजगी की खबरों को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने महागठबंधन में राजद का हक क्या है, इस बारे में महागठबंधन के नेताओं से सवाल पूछा है.

right of RJD in Grand Alliance
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Published : Jul 10, 2023, 8:24 PM IST

संजय प्रसाद यादव, प्रधान महासचिव, झारखंड राजद

रांची: झारखंड राष्ट्रीय जनता दल के प्रधान महासचिव संजय प्रसाद यादव ने मीडिया में आ रही उन खबरों को बेबुनियाद करार दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि वह राष्ट्रीय नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद से उनका खून का रिश्ता रहा है. राजनीति में वह रहें या नहीं, लेकिन लालू-राबड़ी परिवार से उनकी नाराजगी हो ही नहीं सकती.

यह भी पढ़ें: Jharkhand Politics: झारखंड की चार लोकसभा सीट पर आरजेडी का दावा, कांग्रेस और जेएमएम की प्रतिक्रिया एक दूसरे से अलग

राज्य में बोर्ड निगम में राजद को तरजीह नहीं मिलने और नाम मांगें जाने पर राजद की ओर से नाम नहीं भेजने के सवाल पर संजय प्रसाद यादव ने कहा कि राजद इतनी बड़ी पार्टी है, ऐसे में किसी एक पद के लिए नाम कैसे भेजा जा सकता है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल दलों को यह बताना चाहिए कि अलायंस में राष्ट्रीय जनता दल का हक क्या है?

संगठन के विस्तार में लगे हए हैं संजय यादव: पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आज मीडिया से रूबरू होते हुए संजय प्रसाद यादव ने कहा कि भाजपा और महागठबंधन के ही कुछ नेताओं के इशारे पर यह खबर दिखाया जा रहा है कि वह पार्टी से नाराज चल रहे हैं. जिस व्यक्ति से मुलाकात और रांची के कार्यक्रम में उपस्थित नहीं रहने का हवाला दिया जा रहा है, वह भी ठीक नहीं है. राजद नेता ने कहा कि पूरे राज्य में राजद संगठन के विस्तार में वह लगे हुए हैं. ऐसे में सिर्फ रांची में बैठकर प्रदेश भर की राजनीति नहीं की जा सकती है.

'राष्ट्रीय जनता दल का हक क्या है?': राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रधान महासचिव संजय सिंह यादव ने कहा कि कोई भी फोन करके बोर्ड आयोग के लिए एक नाम मांग दें और हम नाम दे भी दें, ऐसा नहीं होता. UPA की बैठक होनी चाहिए, जिसमें पहले सहयोगी दल यह तय करें कि महागठबंधन में राजद के क्या हक हैं. हमारी बड़ी पार्टी है. एक का नाम देकर हम पार्टी के अंदर घमासान नहीं करा सकते.

'हमारा लक्ष्य सत्ता से भाजपा को दूर रखना': राजद नेता ने कहा कि हेमंत सोरेन दो-दो बार के मुख्यमंत्री हैं. राज्य में महागठबंधन के नेता के रूप में सबको साथ लेकर चल रहे हैं. ऐसे में राजद के नेता-कार्यकर्ता किसी पद के लिए महागठबंधन के साथ नहीं है. हमारा लक्ष्य सत्ता से भाजपा को दूर रखना है. पलामू लोकसभा सीट पर कांग्रेस SC विभाग के दावे पर उन्होंने कहा कि किसी सीट पर दावा करने के लिए हर कोई स्वतंत्र है. लेकिन अंतिम फैसला तो तीनों दलों के सर्वोच्च नेता को लेना है.

संजय प्रसाद यादव, प्रधान महासचिव, झारखंड राजद

रांची: झारखंड राष्ट्रीय जनता दल के प्रधान महासचिव संजय प्रसाद यादव ने मीडिया में आ रही उन खबरों को बेबुनियाद करार दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि वह राष्ट्रीय नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद से उनका खून का रिश्ता रहा है. राजनीति में वह रहें या नहीं, लेकिन लालू-राबड़ी परिवार से उनकी नाराजगी हो ही नहीं सकती.

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राज्य में बोर्ड निगम में राजद को तरजीह नहीं मिलने और नाम मांगें जाने पर राजद की ओर से नाम नहीं भेजने के सवाल पर संजय प्रसाद यादव ने कहा कि राजद इतनी बड़ी पार्टी है, ऐसे में किसी एक पद के लिए नाम कैसे भेजा जा सकता है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल दलों को यह बताना चाहिए कि अलायंस में राष्ट्रीय जनता दल का हक क्या है?

संगठन के विस्तार में लगे हए हैं संजय यादव: पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आज मीडिया से रूबरू होते हुए संजय प्रसाद यादव ने कहा कि भाजपा और महागठबंधन के ही कुछ नेताओं के इशारे पर यह खबर दिखाया जा रहा है कि वह पार्टी से नाराज चल रहे हैं. जिस व्यक्ति से मुलाकात और रांची के कार्यक्रम में उपस्थित नहीं रहने का हवाला दिया जा रहा है, वह भी ठीक नहीं है. राजद नेता ने कहा कि पूरे राज्य में राजद संगठन के विस्तार में वह लगे हुए हैं. ऐसे में सिर्फ रांची में बैठकर प्रदेश भर की राजनीति नहीं की जा सकती है.

'राष्ट्रीय जनता दल का हक क्या है?': राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रधान महासचिव संजय सिंह यादव ने कहा कि कोई भी फोन करके बोर्ड आयोग के लिए एक नाम मांग दें और हम नाम दे भी दें, ऐसा नहीं होता. UPA की बैठक होनी चाहिए, जिसमें पहले सहयोगी दल यह तय करें कि महागठबंधन में राजद के क्या हक हैं. हमारी बड़ी पार्टी है. एक का नाम देकर हम पार्टी के अंदर घमासान नहीं करा सकते.

'हमारा लक्ष्य सत्ता से भाजपा को दूर रखना': राजद नेता ने कहा कि हेमंत सोरेन दो-दो बार के मुख्यमंत्री हैं. राज्य में महागठबंधन के नेता के रूप में सबको साथ लेकर चल रहे हैं. ऐसे में राजद के नेता-कार्यकर्ता किसी पद के लिए महागठबंधन के साथ नहीं है. हमारा लक्ष्य सत्ता से भाजपा को दूर रखना है. पलामू लोकसभा सीट पर कांग्रेस SC विभाग के दावे पर उन्होंने कहा कि किसी सीट पर दावा करने के लिए हर कोई स्वतंत्र है. लेकिन अंतिम फैसला तो तीनों दलों के सर्वोच्च नेता को लेना है.

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