रांचीः टेरर फंडिंग मामले को लेकर व्यवसाय लोगों के खिलाफ चल रहे एनआईए की कार्रवाई के बाद रांची के प्रेस कल्ब में व्यवसाय संजय जैन के पक्ष में उनके अधिवक्ता प्रवीण गुप्ता सामने आए. हालांकि ऐसा पहली बार हुआ है कि एनआईए कार्रवाई के बाद किसी आरोपी के अधिवक्ता खुलकर सामने आया हो.
लेवी देने को मजबूर
हालांकि इसके बाद यह चर्चा जरूर बनी हुई है कि आखिर व्यवसाई संजय जैन कौन है? हालांकि पत्रकारों के सवालों के बाद उनके अधिवक्ता के पसीने छूट गए. प्रेस वार्ता के दौरान उनके अधिवक्ता प्रवीण गुप्ता ने कहा कि एनआईए एक जिम्मेदार और स्वच्छ संस्था है, लेकिन संस्था व्यवसायी की ओर से दिए गए एक्सट्रोशन को फंडिंग ना समझे. व्यवसायी काम करने के साथ-साथ अपनी जानमाल की रक्षा के लिए मजबूरी में लेवी देते हैं, ये जबरन वसूली है.
जान मारने की धमकी मिलती रही
प्रवीण गुप्ता ने कहा कि कोयला व्यापारी अपनी जान जोखिम में डालकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने जाते हैं. वे वहां के लोगों को रोजगार मुहैया कराते हैं. उन्हें नक्सलियों के तरफ से जान से मारने की धमकी मिलती है. अपनी और अपने कर्मचारियों की जान की हिफाजत के लिए ये लोग मजबूरी में लेवी देते हैं, जिसे टेरर फंडिग का नाम दिया जा रहा है. बता दें कि आधुनिक कंपनी के जीएम संजय जैन पिछले डेढ़ साल से जेल में बंद हैं. एनआईए ने टेरर फंडिग के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया था.