रांचीः सरकार के आदेश पर 55 एकड़ जमीन घोटाले की जांच शुरू हो गई है. प्रमंडलीय आयुक्त के नेतृत्व में बनी टीम जांच के लिए कोकदोरो गांव पहुंची. संबंधित जमीन पर दावा करने वालों के दस्तावेजों का सत्यापन किया है. सभी से डीड सहित अन्य दस्तावेज जमा करवाए गए हैं. डीड जमा कराने के बाद टीम उसे प्राप्त करने की स्थिति का अवलोकन करेगी और रजिस्ट्री ऑफिस और अंचल कार्यालय के दस्तावेजों से मिलान कराएगी.
इस जांच में यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा कि जमीन पर गरीब, भिखारी व सीरी सोनार का दावा सही है या इस पर दावा करने वाले वर्तमान रैयतों का. इधर जांच के लिए गई टीम फर्जी डीड मिलने पर कार्रवाई का भी मन बना चुकी है. गलत ढंग से डीड करवाकर उसमें दावा करने वालों को कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा.
इस घोटाला में शामिल रहे जमीन माफियाओं को भी चिन्हित किया जा रहा है. गौरतलब है कि काके अंचल स्थित कोकदोरो मौजा के 55 एकड़ जमीन का घोटाला का आरोप लगाते हुए क्षेत्रीय जन विकास परिषद के अध्यक्ष विद्यानंद मिश्रा ने सरकार से शिकायत दर्ज की थी.
55 एकड़ का जमीन घोटाला
इस शिकायत के बाद राजस्व विभाग की ओर से दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के कमिश्नर को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया गया है. कमिश्नर अपने स्तर से 55 एकड़ जमीन घोटाले की जांच शुरू कर चुके हैं. कमिश्नर के निर्देश पर सेटलमेंट ऑफिसर हरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी जांच में जुट गए हैं.
संयुक्त सचिव द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया है कि क्षेत्रीय जन विकास परिषद के अध्यक्ष दयानंद मिश्रा की ओर से कांके अंचल के मौजा कोकदोरो में गरीब, भिखारी व सीरी सोनार की लगभग 55 एकड़ जमीन का घोटाला किए जाने का आरोप लगाया गया है. इस शिकायत के आलोक में विस्तृत जांच कर पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए.
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55 एकड़ भूमि घोटाले की सबसे पहले शिकायत 10 अक्टूबर 2020 को अपर मुख्य सचिव राजस्व विभाग से की गई थी. बाद में सरकार और कई सक्षम अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है.
इसमें बताया गया था कि अंचल कर्मियों की मिलीभगत से 55 एकड़ जमीन का घोटाला किया गया है. फर्जी कागजातों के जरिए जमीन माफिया ने कई लोगों के नाम जमीन करवा दी है.
इससे जमीन के मूल मालिक दर-दर भटकने को मजबूर हैं. इसी शिकायत के बाद राजस्व विभाग की ओर से कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. अब इस जमीन घोटाले में शामिल जमीन माफिया व अंचल कर्मी कार्रवाई के दायरे में आएंगे.