रांची: लातेहार के चंदवा में माओवादी हमले में चार पुलिसकर्मियों के मारे जाने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केस टेकओवर कर दिया है. झारखंड में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले हुए माओवादी हमले में लातेहार जिला बल के चंदवा थाना में पोस्टेड एसआई शुकरा उरांव, चालक यमुना प्रसाद, शंभू प्रसाद और सिकंदर सिंह शहीद हो गए थे.
राज्य पुलिस ने इस मामले की जांच एनआईए से कराने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा था. केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस मामले में एनआईए को एफआईआर दर्ज करने की इजाजत 22 जून को ही मिल गई थी. जिसके बाद एनआईए दिल्ली ने इस संबंध में नए सिरे से केस आरसी 25/2020 एनआईए पुलिस स्टेशन दिल्ली में दर्ज किया है.
क्या है मामला
23 नवंबर 2019 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा झारखंड में चुनाव प्रचार के लिए आए थे. लातेहार में उस दिन बीजेपी की बड़ी सभा थी. ऐसे में लातेहार से रांची के रास्ते में पुलिस ने वीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया था. शाम तकरीबन 7 बजे चंदवा के लुकईया मोड़ के समीप पुलिस गश्ती की टीम पेट्रोलिंग में खड़ी थी. इसी दौरान भाकपा माओवादियों के मोटरसाइकिल दस्ते ने पेट्रोलिंग वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस हमले में चार पुलिसकर्मी शहीद हुए थे. घटना के बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर चंदवा के तत्कालीन थानेदार मोहन पांडेय समेत कई पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया था.
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बदले की भावना से वारदात को दिया अंजाम
लातेहार पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि पुलिस के पेट्रोलिंग वाहन पर हमले की साजिश 15 लाख के इनामी माओवादी रवींद्र गंझू ने रची थी. पुलिस की जांच में जो बात सामने आयी थी कि उसके मुताबिक पुलिस ने रवींद्र की पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. ऐसे में बदले की भावना से रवींद्र ने पुलिस बलों पर हमला करने की योजना बनायी, इसके बाद साजिश को अंजाम दिया. एनआईए ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी, यूएपीए और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस किया है. एनआईए नए सिरे से मामले की जांच करेगी.