जमशेदपुर: आदिवासी समाज के संथाल समुदाय के लोग बाहा पर्व के बाद दिशुआ पर्व मनाते हैं. दिशवा आदिवासी समाज का पर्व है, जिसमें बिना जाल और बिना किसी औजार के मछलियों को पकड़ा जाता है. केवल हाथ से ही मछलियों को पकड़ा जाता है. आज सुबह इसका नजारा घाटशिला की स्वर्णरेखा नदी पर देखने को मिला.
लगभग 200 की संख्या में लोग नदी पर मछली पकड़ने के लिए आए हुए थे. सब सामूहिक रूप से ही मछली को पकड़ते हैं और शाम को पूरे गांव वाले मिलकर मछली को एक साथ पकाकर खाते हैं. इस पर्व के बारे में लोगों का कहना है कि साल में वह एक ही बार मछली को पकड़ते हैं. इसके बाद मछली को पकाकर गांव वाले एक साथ मछली का भोजन करते हैं. ऐसा करने से उनकी एकता बनी रहती है.