रांची: कोरोना के नये वेरिएंट ओमीक्रॉन के दस्तक के बीच झारखंड में नये साल का स्वागत करने की तैयारी चल रही है. साल 2021 की विदाई और नये साल 2022 का स्वागत 31 दिसंबर को खास अंदाज में करने की तैयारी अभी से होने लगी है. नये वर्ष के स्वागत में होने वाले जश्न में हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं. इस अवसर पर होटलों, कल्ब और पार्कों में खास तैयारी की जाती है. लेकिन हाल के दिनों में देश के अन्य राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के नये वेरिएंट ओमीक्रॉन के कारण झारखंड में नया वर्ष का यह सेलिब्रेशन फीका पड़ने की संभावना है.
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देश के अन्य राज्यों में ओमीक्रॉन के बढ़ रहे खतरे को देखते हुए इस बार न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर ग्रहण लग सकता है. होटल्स, क्लब और पार्कों के प्रबंधक राज्य सरकार के दिशानिर्देश की प्रतिक्षा कर रहे हैं. होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार यदि नाइट कर्फ्यू या कोई प्रतिबंध लगा देती है तो सारी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह जाएगी, इसलिए अभी तक तैयारी नहीं हुई है. होटल कैपिटल रेजिडेंसी के प्रबंधक अशित कुंडू की मानें तो हर वर्ष 31 दिसंबर की रात होनेवाली पार्टी की तैयारी 15 दिन पहले से ही शुरू कर दी जाती है. निर्धारित क्षमता के अनुसार ही वीजिटर्स की बुकिंग की जाती है. लेकिन इस बार कोई बुकिंग अभी तक शुरू नहीं हुआ है. डीजे या कैंडिल लाइट डीनर भी अभी तक फाइनल नहीं हुआ है. सरकार का गाइडलाइन के अनुसार ही होटल व्यवसायी व्यवस्था करेंगे.
31 दिसंबर को देर रात तक होती है पार्टी
ओमीक्रॉन के कारण दिल्ली सहित कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. झारखंड में भी यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि राज्य सरकार कहीं एहतियात बरतते हुए न्यू ईयर सेलेब्रेशन को लेकर कोई नया गाइडलाइन ना जारी कर दे. राजधानी रांची समेत झारखंड के सभी शहरों में नये वर्ष को लेकर 31 दिसंबर को देर रात तक कार्यक्रम आयोजित होता रहता है. डीजे की धून पर देर रात तक सेलिब्रेशन होता है. रांची में ही कल्ब, होटल रेडिशन ब्लू, होटल बीएन आर चाणक्य, होटल कैपिटल रेजिडेंसी सहित दो दर्जन से अधिक होटलों और क्लब में जश्न चलते रहता है. जिससे होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों और सरकार को अच्छी खासी आमदनी हो जाती है.
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ओमीक्रॉन आते ही व्यवसायियों को नुकसान
होटल व्यवसायी मुकुल का कहना है कि उनके होटल में 500 से 5000 तक का डिसेज है. लेकिन कोरोना के कारण लोग घर में ही ज्यादा रहना पसंद कर रहे हैं. बीच में कुछ माहौल ठीक हुआ था. लेकिन संक्रमण की रफ्तार में तेजी आते ही होटल व्यवसायियों को झटका लगना शुरू है गया है.