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चीन के साथ तनाव: हिमाचल में सैनिकों को नहीं होगी ई-पास की जरूरत, केवल पहचान पत्र ही काफी

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Published : Jun 19, 2020, 11:09 AM IST

भारत-चीन तनाव के मद्देनजर सैनिकों की सहूलियत को देखते हुए हिमाचल सरकार ने सेना के जवानों को ई-पास की जरूरत से फ्री कर दी है. भारतीय सेना के जवानों को सिर्फ पहचान पत्र ही साथ रखना होगा.

Soldiers will not need e-pass in Himachal
चीन के साथ तनाव

शिमला: चीन के साथ तनाव के बीच सेना के जवानों और अफसरों के अवकाश रद्द कर दिए गए हैं. सैनिकों की मूवमेंट में सहूलियत हो, इसलिए हिमाचल सरकार ने भारतीय सेना के जवानों को कोविड-19 में जरूरी ई-पास की बाध्यता से फ्री कर दिया है.

अब फौजी जवानों को मूवमेंट के दौरान केवल पहचान पत्र ही दिखाना होगा, ताकि वे अपने गंतव्य पर जल्दी से पहुंच सकें. उल्लेखनीय है कि थल सेना, वायु सेना व जल सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे फौजियों के अवकाश रद्द करने के बाद उन्हें ड्यूटी पर वापिस बुलाया गया है.

हिमाचल प्रदेश से सेना में सेवाएं देने वाले जवानों की संख्या काफी बड़ी है. अवकाश पर आए सैनिकों को अपनी यूनिट में पहुंचने के मार्ग में कोई बाधा न हो, इसके लिए हिमाचल सरकार ने मूवमेंट के दौरान उन्हें ई-पास की बाध्यता से मुक्त किया है.

लद्दाख जाना हो तो हिमाचल के केलांग से होकर रास्ता है. ऐसे में अवकाश रद्द होने के बाद नेशनल हाईवे पर सैनिकों की मूवमेंट बढ़ी है. हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव की तरफ से जारी किए गए आदेश के अनुसार अब फौजियों को ई-पास की जरूरत नहीं होगी.

प्रदेश के प्रवेश स्थानों और एग्जिट स्थलों पर केवल पहचान पत्र ही मान्य होगा. हाल ही में गलवान घाटी में चीन के साथ तनाव और सैन्य झड़प में हिमाचल का वीर सपूत अंकुश ठाकुर भी वीरगति को प्राप्त हुआ है.

इससे हिमाचल में भी चीन के प्रति रोष है. पूर्व सैनिक भी गुस्से में हैं और चीन को करारा सबक सिखाने की मांग कर रहे हैं. उधर, सैनिकों की मूवमेंट के दौरान स्थानीय लोग उन्हें सैल्यूट कर और उन पर पुष्प वर्षा कर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं.

शिमला: चीन के साथ तनाव के बीच सेना के जवानों और अफसरों के अवकाश रद्द कर दिए गए हैं. सैनिकों की मूवमेंट में सहूलियत हो, इसलिए हिमाचल सरकार ने भारतीय सेना के जवानों को कोविड-19 में जरूरी ई-पास की बाध्यता से फ्री कर दिया है.

अब फौजी जवानों को मूवमेंट के दौरान केवल पहचान पत्र ही दिखाना होगा, ताकि वे अपने गंतव्य पर जल्दी से पहुंच सकें. उल्लेखनीय है कि थल सेना, वायु सेना व जल सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे फौजियों के अवकाश रद्द करने के बाद उन्हें ड्यूटी पर वापिस बुलाया गया है.

हिमाचल प्रदेश से सेना में सेवाएं देने वाले जवानों की संख्या काफी बड़ी है. अवकाश पर आए सैनिकों को अपनी यूनिट में पहुंचने के मार्ग में कोई बाधा न हो, इसके लिए हिमाचल सरकार ने मूवमेंट के दौरान उन्हें ई-पास की बाध्यता से मुक्त किया है.

लद्दाख जाना हो तो हिमाचल के केलांग से होकर रास्ता है. ऐसे में अवकाश रद्द होने के बाद नेशनल हाईवे पर सैनिकों की मूवमेंट बढ़ी है. हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव की तरफ से जारी किए गए आदेश के अनुसार अब फौजियों को ई-पास की जरूरत नहीं होगी.

प्रदेश के प्रवेश स्थानों और एग्जिट स्थलों पर केवल पहचान पत्र ही मान्य होगा. हाल ही में गलवान घाटी में चीन के साथ तनाव और सैन्य झड़प में हिमाचल का वीर सपूत अंकुश ठाकुर भी वीरगति को प्राप्त हुआ है.

इससे हिमाचल में भी चीन के प्रति रोष है. पूर्व सैनिक भी गुस्से में हैं और चीन को करारा सबक सिखाने की मांग कर रहे हैं. उधर, सैनिकों की मूवमेंट के दौरान स्थानीय लोग उन्हें सैल्यूट कर और उन पर पुष्प वर्षा कर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं.

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