बिलासपुर: नैना देवी विधानसभा क्षेत्र से विधायक व पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनाई जा रही जीरो टॉलरेंस नीति को लेकर कटघरे में खड़ा कर दिया है. ठाकुर ने हिमाचल टूरिज्म के होटल हिल टॉप स्वारघाट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सरकार पर गम्भीर आरोप लगाए. इस दौरान उनके साथ जिला परिषद अध्यक्ष अमरजीत सिंह बंगा भी मौजूद रहे.
रामलाल ठाकुर ने कहा कि एक तरफ जहां प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का ढिंढोरा पीट रही है तो वहीं भाजपा से जुड़े भ्रष्टाचार में संलिप्त पदाधिकारियों को बचाने में लगी हुई है. उन्होंने बिलासपुर के कुछ भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करते हुए कहा थाना सदर के अधीन पशुपालन विभाग की जमीन से खैरों का अवैध कटान हुआ था. जांच में भाजपा का पदाधिकारी व पंचायत का पूर्व प्रधान इस मामले में संलिप्त पाया गया था. जिसके बाद राजनीतिक दबाव चलते इस मामले को रफा-दफा कर दिया गया.
उन्होंने कहा कि नैना देवी के समीपवर्ती थाना कोट में भी खैर कटान से सम्बन्धित एक मामला उजागर हुआ था जिसमें भाजपा के बड़े नेता भी संलिप्त था. एक ताजा मामले में विजिलेंस की टीम ने सरकारी सीमेंट की 85 बोरियां पकड़ी इस मामले में भी ठेकेदार भाजपा का ही स्वारघाट क्षेत्र का एक पदाधिकारी है. अब इस मामले को भी दबाया जा रहा है.
रामलाल ठाकुर ने सरकार के दो सालों के जश्न पर भी उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि इन दो सालो में प्रदेश में भ्रष्टाचार और लोगों को मूर्ख बनाने के आलावा कुछ नहीं हुआ है. धर्मशाला में इन्वेस्टर्स मीट के नाम पर भी बड़ा भ्रष्टाचार हुआ. इसमें 12 से 15 करोड़ रुपये टेंट लगाने पर ही खर्च किये गए. सरकार के दो सालों के जश्न के दौरान गृह मंत्री अमित शाहने शिमला में आयोजित समारोह में 69 नेशनल हाईवे देने पर कहा है कि इससे पहले केन्द्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने तीन साल पहले भी प्रदेश को 69 नेशनल हाईवे देने की घोषणा की थी और 65 हजार करोड़ रुपए भी दे दिए थे, लेकिन आज तक एक जगह भी 65 रुपए भी नहीं आए. एक भी सड़क की डीपीआर तक तैयार नहीं हुई.
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