चंडीगढ़: यूटी के सुखना झील पर आज चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने सोलरयुक्त 2 गाड़ियों को झंडी दिखा कर वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और विकलांगो को समर्पित किया. चंडीगढ़ के वन एवं वन्यजीव विभाग ने सुखना लेक में आज प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए सिटी ब्यूटीफुल के लोगों की सुविधा के लिए दी. इस अवसर पर चंडीगढ़ के गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. सुखना लेक पर वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों आदि को मुफ्त सेवा प्रदान होगी.
कपास के थैलों को किया गया जनता को समर्पित
मनोज परिदा ने इस अवसर पर सौर ऊर्जा चलित इन गाड़ियों को चलाने के लिए वन और वन्यजीव विभाग द्वारा की गई अनूठी पहल की सराहना की, जो नागरिकों को प्रदूषण मुक्त सेवा प्रदान करने में मदद करेगी. इस अवसर पर उन्होंने प्लास्टिक कैरी बैग के दुष्परिणामों के बारे में आम लोगों को जागरूक करने और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कपास के थैलों को जनता को समर्पित किया. चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी वहां उपस्थित आम जनता को एक टोकन के रूप में कपड़े के थैले भी वितरित किए.
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ठंड के मौसम में लाखों की संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं सुखना झील
इस अवसर पर चंडीगढ़ के मुख्य वन संरक्षक दलाई ने बताया कि हर साल सैकड़ों प्रवासी पक्षी जैसे ब्राह्मी डक, कॉमन पोचर्ड, रेड-क्रस्टेड पोचर्ड, गीज, शेल डक, मार्श डक, डाइविंग डक, स्टिल्ट्स, हिल किंगफिशर, मल्लार्ड, साइबेरियन डक आदि हजारों मील की यात्रा करके सुखना लेक तक पहुंचते हैं. ताकि अपने क्षेत्र की कठोर ठंड से बच सकें. ये प्रवासी पक्षी नवंबर के शुरू में सुखना झील में पहुंचने लगते हैं और जलवायु परिस्थितियों के आधार पर उनका प्रवास मार्च या अप्रैल तक रहता है.
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सोलरयुक्त गाड़ियों से आराम से वृद्ध लोग ले सकेंगे प्राकृति का आनंद
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन द्वारा शुरू की गई ये सेवा निश्चित रूप से वृद्धावस्था, विकलांगता, गर्भवती महिलाओं को प्रकृति की सुंदरता को निहारने के लिए प्रोत्साहित करेगी. इस कार्यक्रम में उपायुक्त मंदीप बरार, उप वन संरक्षक अब्दुल कयूम, निदेशक जनसंपर्क राजीव तिवारी भी उपस्थित थे.