रोहतक: शुक्रवार को रोहतक की अदालत में एडिशनल सेशन जज रितु वाईके बहल ने बहुचर्चित महम कांड के फैसले को सुरक्षित रखा है. अब सोमवार को पता चलेगा कि इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला पर आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला चलेगा या नहीं. जिसके लिए आज अदालत में बहस पूरी हो चुकी है.
ये है महम कांड
ये मामला 1990 का है जब महम उपचुनाव में बंसी गांव में बूथ कैपचरिंग के चलते गोलियां चली थी. जिसमें आधा दर्जन के करीब लोग मारे गए थे. लगभग आठ आरोपियों में से इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला भी आरोपी हैं.
बचाव पक्ष के वकील विनोद अहलावत ने बताया कि 1990 में महम उपचुनाव के दौरान महम विधानसभा क्षेत्र के 8 गांव में 28 तारीख को रिपोलिंग के दौरान हलके के गांव बंसी में बूथ कैपचरिंग को लेकर गोलियां चली थी जिसमें लगभग आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई थी.
ये भी पढ़ें- इनकी भी सुनो सरकार! हनुमान कॉलोनी में छाया पानी, सड़क और सीवरेज का संकट
कांग्रेस नेता आनंद सिंह दांगी भी उस समय कांग्रेस के उम्मीदवार थे और उनके भाई धर्मपाल दांगी जो उनके कवरिंग कैंडिडेट थे उन्होंने 8 लोगों के खिलाफ पुलिस में 302 और अन्य धाराओं के तहत शिकायत दी थी. जिनमें इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला भी शामिल थे.
1990 से लेकर 2015 तक कोई भी कार्रवाई ना होने पर मृतक शेर सिंह के भाई रामफल ने केस की सुनवाई दोबारा से करवाने के लिए याचिका लगाई थी जिसकी बहस आज रोहतक के एडिशनल सेशन जज की कोर्ट में पूरी हो चुकी है. जज ने फैसला सोमवार तक सुरक्षित रखा है. अब सोमवार को फैसला आने के बाद ही पता चल पाएगा कि इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला पर आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का मामला चलेगा या नहीं.
ये भी पढ़ें- अंबाला का बहादुर जवान पाकिस्तान की फायरिंग में शहीद, परिवार में पसरा मातम का माहौल