नई दिल्ली: दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया गया. डॉक्टर की टीम ने महिलाओं को स्तनपान के बारे में विस्तृत जानकारी दी. डॉक्टर्स ने बताया कि मां का दूध शिशु के लिए कितना जरूरी है, मां के दूध से शिशु की मानसिक शारीरिक और बौद्धिक विकास होता है. सफदरजंग अस्पताल की स्त्री रोग विभाग अध्यक्ष डॉ बिंदु बजाज ने अपनी टीम के साथ रेजिडेंट डॉक्टर्स, नर्सिंग कॉलेज की छात्रों और आहार विशेषज्ञों को शामिल करते हुए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया.
जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
पूरे दिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया. अस्पताल में मौजूद महिलाओं के सामने एक जीवंत नाटक का प्रदर्शन किया गया जिसमें अस्पताल की नर्सिंग विद्यार्थियों के द्वारा सुंदर पोस्टरों का प्रदर्शन किया गया. पोस्टर के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया. कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों ने वहां मौजूद महिलाएं और माओं के प्रश्नों का उत्तर दिया. चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ वंदना तलवार ने आयोजन की सराहना की और कहा कि मां का दूध हर नवजात शिशु का जन्म सिद्ध अधिकार है. आज सभी कामकाजी माताओं के लिए स्तनपान के माहौल का समर्थन करना समय की मांग है क्योंकि विशेष स्तनपान महत्वपूर्ण है और मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सकारात्मक भूमिका निभाता हैं. समाज में स्तनपान को लेकर कोई भ्रांती नहीं होनी चाहिए.
क्यों मनाया जाता है विश्व स्तनपान सप्ताह
विश्व स्तनपान सप्ताह महिलाओं को बीच स्तनपान के प्रति जागरूकता लाने का विश्वस्तरीय अभियान है. यह संस्था महिलाओं को उनकी ब्रेस्टफीडिंग जर्नी को सपोर्ट, सशक्त औार प्रोत्साहित करने के लिए काम करती है. संस्था की मानें तो दुनिया में कुल शिशुओं में से लगभग 40 प्रतिशत तक को ही 6 महीने तक जरूरी ब्रेस्टफीडिंग मिल पाती है. बाकि 60 से अधिक शिशु इससे वंचित रह जाते हैं.
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