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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों में आई कमी, 2022 में 106 लोगों ने गंवाई जान - प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह

हादसों का एक्सप्रेसवे कहे जाने वाले यमुना एक्सप्रेसवे पर वर्ष 2022 में हादसों में कमी आई है. पिछले वर्ष जनवरी से लेकर दिसंबर तक यमुना एक्सप्रेसवे पर कुल 318 सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें 106 लोगों ने अपनी जान गवांई है और करीब 690 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 2021 में 424 सड़क हादसों हुए थे और 136 लोगों की जान गई थी.

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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों में आई कमी
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Published : Jan 7, 2023, 7:19 PM IST

यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों में आई कमी

नई दिल्ली/नोएडा : ग्रेटर नोएडा के परी चौक से आगरा तक बने यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार हादसे होते रहते हैं. पिछले कई सालों में हादसों के कारण सैकड़ों लोग अपनी जान गवा चुके हैं, जिसके बाद यमुना प्राधिकरण ने हादसों में कमी लाने के लिए यहां पर कई सुधार किए, जिसके बाद वर्ष 2022 में पिछले सालों के आंकड़ों के अनुसार हादसों में काफी कमी आई है. पिछले वर्ष जनवरी से लेकर दिसंबर तक यमुना एक्सप्रेसवे पर कुल 318 सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें 106 लोगों ने अपनी जान गवाई है और करीब 690 लोग घायल हुए हैं. वर्ष 2021 में 424 सड़क हादसों हुए थे और 136 लोगों की जान गई थी. इस दौरान 958 लोग घायल हुए थे.

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि पिछले वर्षों के मुकाबले वर्ष 2022 में यमुना एक्सप्रेस वे पर हादसों में कमी आई है. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सड़क सुरक्षा को लेकर मीटिंग की थी तो कई तरह के निर्देश उस दौरान दिए गए थे. यमुना एक्सप्रेसवे पर भी हादसों को कम करने को लेकर कई कार्य कराने के निर्देश गए थे.

हादसे रोकने के लिए खर्च किये 108 करोड़

उन्होंने बताया कि यमुना प्राधिकरण की तरफ से यमुना एक्सप्रेसवेवे पर सरकार के निर्देश पर 18 कार्य तुरंत करा दिए गए, जिनमें करीब 108 करोड़ रुपये खर्च किये गए. आईआईटी के रिकमेंडेशन से जो चीजें बताई गई थी, वह कार्य यमुना एक्सप्रेसवे पर कराए गए. उसी का नतीजा है कि हादसों में यमुना एक्सप्रेसवे पर कमी आनी शुरू हो गई है. वर्ष 2022 में पहले की अपेक्षा काफी कम सड़क हादसे हुए हैं. आगे भी यमुना एक्सप्रेस में अभी काफी काम कराया जाएगा.

2019 में सबसे ज्यादा लोगो ने हादसों में गवाई जान

यमुना एक्सप्रेसवे 2018 में शुरू किया गया था, जिसमें 659 हादसे हुए. वहीं 111 लोगों ने अपनी जान गवाई और 1318 लोग घायल हुए थे. वर्ष 2019 में सबसे ज्यादा 560 हादसे हुए, जिनमें 195 लोगों ने अपनी जान गवाई थी. यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा सड़क हादसे कोहरे के चलते सर्दियों में होते हैं. लेकिन वर्ष 2022 सबसे ज्यादा सड़क हादसे मई महीने में हुए हैं. मई 2022 में करीब 38 सड़क हादसे हुए, जिनमें 21 लोगों ने अपनी जान गवाई. दिसंबर 2022 में 28 सड़क हादसे हुए जिनमें 4 लोगों ने अपनी जान गवाई. जबकि जनवरी 2022 में 14 सड़क हादसे हुए जिनमें 8 लोगों ने अपनी जान गवाई.

यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों के आंकड़े

वर्षहादसेमौतघायल
2022318106 690
2021 424136 958
20205091221015
2019 5601951302
2018659 1111318

ये भी पढ़ें : कंझावला केस की गवाह निधि को आगरा जीआरपी ने गांजा तस्करी मामले में भेजा था जेल

यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों में आई कमी

नई दिल्ली/नोएडा : ग्रेटर नोएडा के परी चौक से आगरा तक बने यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार हादसे होते रहते हैं. पिछले कई सालों में हादसों के कारण सैकड़ों लोग अपनी जान गवा चुके हैं, जिसके बाद यमुना प्राधिकरण ने हादसों में कमी लाने के लिए यहां पर कई सुधार किए, जिसके बाद वर्ष 2022 में पिछले सालों के आंकड़ों के अनुसार हादसों में काफी कमी आई है. पिछले वर्ष जनवरी से लेकर दिसंबर तक यमुना एक्सप्रेसवे पर कुल 318 सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें 106 लोगों ने अपनी जान गवाई है और करीब 690 लोग घायल हुए हैं. वर्ष 2021 में 424 सड़क हादसों हुए थे और 136 लोगों की जान गई थी. इस दौरान 958 लोग घायल हुए थे.

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि पिछले वर्षों के मुकाबले वर्ष 2022 में यमुना एक्सप्रेस वे पर हादसों में कमी आई है. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सड़क सुरक्षा को लेकर मीटिंग की थी तो कई तरह के निर्देश उस दौरान दिए गए थे. यमुना एक्सप्रेसवे पर भी हादसों को कम करने को लेकर कई कार्य कराने के निर्देश गए थे.

हादसे रोकने के लिए खर्च किये 108 करोड़

उन्होंने बताया कि यमुना प्राधिकरण की तरफ से यमुना एक्सप्रेसवेवे पर सरकार के निर्देश पर 18 कार्य तुरंत करा दिए गए, जिनमें करीब 108 करोड़ रुपये खर्च किये गए. आईआईटी के रिकमेंडेशन से जो चीजें बताई गई थी, वह कार्य यमुना एक्सप्रेसवे पर कराए गए. उसी का नतीजा है कि हादसों में यमुना एक्सप्रेसवे पर कमी आनी शुरू हो गई है. वर्ष 2022 में पहले की अपेक्षा काफी कम सड़क हादसे हुए हैं. आगे भी यमुना एक्सप्रेस में अभी काफी काम कराया जाएगा.

2019 में सबसे ज्यादा लोगो ने हादसों में गवाई जान

यमुना एक्सप्रेसवे 2018 में शुरू किया गया था, जिसमें 659 हादसे हुए. वहीं 111 लोगों ने अपनी जान गवाई और 1318 लोग घायल हुए थे. वर्ष 2019 में सबसे ज्यादा 560 हादसे हुए, जिनमें 195 लोगों ने अपनी जान गवाई थी. यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा सड़क हादसे कोहरे के चलते सर्दियों में होते हैं. लेकिन वर्ष 2022 सबसे ज्यादा सड़क हादसे मई महीने में हुए हैं. मई 2022 में करीब 38 सड़क हादसे हुए, जिनमें 21 लोगों ने अपनी जान गवाई. दिसंबर 2022 में 28 सड़क हादसे हुए जिनमें 4 लोगों ने अपनी जान गवाई. जबकि जनवरी 2022 में 14 सड़क हादसे हुए जिनमें 8 लोगों ने अपनी जान गवाई.

यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों के आंकड़े

वर्षहादसेमौतघायल
2022318106 690
2021 424136 958
20205091221015
2019 5601951302
2018659 1111318

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