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Ground Report: वसंत कुंज में कुत्तों ने जहां दो भाइयों को मार डाला था, वहां लोगों के घरों में नहीं है शौचालय - रंगपुरी के लोगों को जंगलों में जाना होता है शौच

दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज के रंगपुरी इलाके में कुत्तों ने आनंद और आदित्य नाम के दो भाईयों को नोंचकर मार डाला. यहां पर कई ऐसे इलाके हैं जहां पर शौचालय नहीं है. लोग शौच के लिए पास के जंगलों में जाते हैं. इन जंगलों में आवारा कुत्ते घूमते हैं. बच्चे भी शौच के लिए इन जंगलों में जाते हैं, जिस कारण कुत्तों ने उन्हें नोंच खाया.

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Published : Mar 14, 2023, 8:55 PM IST

मृतक बच्चों की मां सुषमा

नई दिल्ली: वसंत कुंज इलाके के रंगपुरी पहाड़ी में जहां कुत्तों ने आनंद और आदित्य नाम के दो भाइयों को नोंचकर मार डाला था, वहां पर लोगों के घरों में शौचालय तक नहीं हैं. ग्रीन बेल्ट में अनधिकृत रूप से बसी इन बस्तियों में करीब 500 झुग्गियों में दो हजार से ज्यादा लोग रहते हैं, लेकिन ज्यादातर घरों में शौचालय नहीं है.

नगर निगम या जिला प्रशासन की ओर से भी यहां शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. इसकी वजह से लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है. खुले में शौच जाने के कारण ही कुत्तों ने आनंद और आदित्य नाम के दो भाइयों पर हमला करके मार डाला. स्थानीय लोगों ने बताया कि आसपास काफी खुला एरिया है और पास में जंगल भी है. इसलिए जिन लोगों के घरों में शौचालय नहीं हैं वे लोग जंगल में ही शौच के लिए जाते हैं.

कुछ घरों में बने हैं शौचालय: यहां रंगपुरी पहाड़ी, काली मंदिर कैंप, रुचि कैंप जैसी छोटी छोटी बस्तियां हैं. ज्यादातर कैंपों में छोटे-छोटे कच्चे मकान बने हैं. ज्यादातर घरों की दीवारें ईंट से बनी हैं, लेकिन ज्यादातर घरों पर पक्की छत की बजाय किसी ने तीन शेड डाल रखा है तो किसी ने पॉलीथिन. लोगों ने अपने घरों के बाहर मलबा व कूड़े से गड्ढों को पाटकर जमीन समतल करवाई है, जिसमें बच्चे खेलते हैं. आनंद व आदित्य की मां सुषमा ने बताया इलाके में बहुत से आवारा कुत्ते रहते हैं. उनके दोनों बेटों की मौत के बाद दिल्ली नगर निगम की टीम ने करीब 40 कुत्तों को यहां से पकड़ा है.

इलाके के लोगों में कुत्तों से दहशत: आनंद और आदित्य की मां सुषमा ने बताया कि यहां पर दर्जनों कुत्ते रहते हैं, लेकिन वह कभी भी इस तरह से बच्चों के हमला नहीं करते थे. पता नहीं इनको तो ऐसा क्या हो गया कि उन्होंने उनके दोनों बच्चों को मार डाला. आनंद की ताई ने बताया कि बच्चों की मौत के बाद से इलाके में कुत्तों के प्रति लोगों में खौफ है. बच्चे तो इतना डर गए हैं कि वह घर से बाहर भी नहीं निकल रहे हैं.

ये भी पढ़ेंः एमपी में MLA और सरकारें बिकती हैं, सत्ता में आए तो बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं देंगे मुफ्त- अरविंद केजरीवाल

बस्ती में नहीं है एक भी मोबाइल टॉयलेटः इस इलाके में बहुत से लोगों के घरों में शौचालय नहीं है. इसके बावजूद यहां एक भी मोबाइल टॉयलेट नहीं रखा गया है. इस बारे में स्थानीय निगम पार्षद इंद्रजीत सहरावत ने बताया कि फिलहाल इलाके में एक भी मोबाइल टॉयलेट नहीं है. उन्होंने बताया कि पिछले 3 दिनों से अभियान चलाकर इलाके से एमसीडी ने 50 कुत्तों को पकड़ा है. आवारा कुत्तों को सेंटर में रखा गया है.

ये भी पढ़ेंः MI vs GG WPL 2023 : मुंबई इंडियंस की धीमी शुरुआत, 8 ओवर के बाद स्कोर (49/1)

मृतक बच्चों की मां सुषमा

नई दिल्ली: वसंत कुंज इलाके के रंगपुरी पहाड़ी में जहां कुत्तों ने आनंद और आदित्य नाम के दो भाइयों को नोंचकर मार डाला था, वहां पर लोगों के घरों में शौचालय तक नहीं हैं. ग्रीन बेल्ट में अनधिकृत रूप से बसी इन बस्तियों में करीब 500 झुग्गियों में दो हजार से ज्यादा लोग रहते हैं, लेकिन ज्यादातर घरों में शौचालय नहीं है.

नगर निगम या जिला प्रशासन की ओर से भी यहां शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. इसकी वजह से लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है. खुले में शौच जाने के कारण ही कुत्तों ने आनंद और आदित्य नाम के दो भाइयों पर हमला करके मार डाला. स्थानीय लोगों ने बताया कि आसपास काफी खुला एरिया है और पास में जंगल भी है. इसलिए जिन लोगों के घरों में शौचालय नहीं हैं वे लोग जंगल में ही शौच के लिए जाते हैं.

कुछ घरों में बने हैं शौचालय: यहां रंगपुरी पहाड़ी, काली मंदिर कैंप, रुचि कैंप जैसी छोटी छोटी बस्तियां हैं. ज्यादातर कैंपों में छोटे-छोटे कच्चे मकान बने हैं. ज्यादातर घरों की दीवारें ईंट से बनी हैं, लेकिन ज्यादातर घरों पर पक्की छत की बजाय किसी ने तीन शेड डाल रखा है तो किसी ने पॉलीथिन. लोगों ने अपने घरों के बाहर मलबा व कूड़े से गड्ढों को पाटकर जमीन समतल करवाई है, जिसमें बच्चे खेलते हैं. आनंद व आदित्य की मां सुषमा ने बताया इलाके में बहुत से आवारा कुत्ते रहते हैं. उनके दोनों बेटों की मौत के बाद दिल्ली नगर निगम की टीम ने करीब 40 कुत्तों को यहां से पकड़ा है.

इलाके के लोगों में कुत्तों से दहशत: आनंद और आदित्य की मां सुषमा ने बताया कि यहां पर दर्जनों कुत्ते रहते हैं, लेकिन वह कभी भी इस तरह से बच्चों के हमला नहीं करते थे. पता नहीं इनको तो ऐसा क्या हो गया कि उन्होंने उनके दोनों बच्चों को मार डाला. आनंद की ताई ने बताया कि बच्चों की मौत के बाद से इलाके में कुत्तों के प्रति लोगों में खौफ है. बच्चे तो इतना डर गए हैं कि वह घर से बाहर भी नहीं निकल रहे हैं.

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बस्ती में नहीं है एक भी मोबाइल टॉयलेटः इस इलाके में बहुत से लोगों के घरों में शौचालय नहीं है. इसके बावजूद यहां एक भी मोबाइल टॉयलेट नहीं रखा गया है. इस बारे में स्थानीय निगम पार्षद इंद्रजीत सहरावत ने बताया कि फिलहाल इलाके में एक भी मोबाइल टॉयलेट नहीं है. उन्होंने बताया कि पिछले 3 दिनों से अभियान चलाकर इलाके से एमसीडी ने 50 कुत्तों को पकड़ा है. आवारा कुत्तों को सेंटर में रखा गया है.

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