नई दिल्ली: भारत के खिलाफ नूर सुल्तान में होने वाले डेविस कप मुकाबला खेलने से ऐसाम उल हक कुरैशी और अकील खान जैसे सीनियर खिलाड़ियों के इनकार के बाद पाकिस्तान को टीम में 17 बरस के दो नए खिलाड़ियों को लेना पड़ा. अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ ने सुरक्षा चिंताओं के कारण 29 और 30 नवंबर को इस्लामाबाद में होने वाला ये मुकाबला नूर सुल्तान में कराने का फैसला किया है.
पाकिस्तान टेनिस महासंघ ने युवा हुजाइफा अब्दुल रहमान और शोएब खान को टीम में लिया है जो जूनियर आईटीएफ रैंकिंग में क्रमश: 446 और 1004वें स्थान पर हैं. उनके अलावा युसूफ खान, अहमद कामिल और अमजद भी टीम में हैं.
![Davis Cup](https://etvbharatimages.akamaized.net/etvbharat/prod-images/5125248_.jpg)
पाकिस्तान के शीर्ष खिलाड़ियों ऐसाम और अकील ने मुकाबला तटस्थ स्थान पर कराने के विरोध में नाम वापिस ले लिया था. ऐसे में पीटीएफ के सामने जूनियर खिलाड़ियों को चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.
पीटीएफ अध्यक्ष सलीम सैफुल्लाह ने कहा, 'ये अच्छा मुकाबला हो सकता था लेकिन अब हमें जूनियर खिलाड़ी भेजने पड़ रहे हैं. हमारे सीनियर खिलाड़ी डेविस कप खिलाड़ी नहीं खेल रहे हैं. हमारी टीम में 16-17 बरस के खिलाड़ी हैं जिन्हें इससे अनुभव मिलेगा.'
उन्होंने कहा, 'भारत ये मुकाबला जीतना चाहता था और अब आराम से जीत सकता. रोज सैकड़ों भारतीय पाकिस्तान आ रहे हैं. हमारे होटलों में भारतीय भरे पड़े हैं लेकिन सिर्फ छह भारतीय नहीं आ सकते. ये शर्मनाक है.'
![पीटीएफ अध्यक्ष सलीम सैफुल्लाह, Davis Cup](https://etvbharatimages.akamaized.net/etvbharat/prod-images/5125248_4976379_pic_1543076014.jpg)
पाकिस्तान ने 2017 के बाद से चार डेविस कप टीमों की मेजबानी की है और सिर्फ हांगकांग ही इस्लामाबाद नहीं आया. ये पूछने पर कि क्या उन्होंने नाम वापिस लेकर टीम का नुकसान किया है, अकील ने कहा, 'हमने ऐसा कुछ नहीं किया है. पाकिस्तान टेनिस महासंघ भी हमारे साथ है. हमारे फैसले का नैतिक आधार है. ऐसा नहीं है कि आप कुछ भी करें और हम जाकर आपके साथ खेलें. पहले भी आईटीएफ ने हमारे खिलाफ फैसले लिए हैं.'
आपको बता दें कि इस मुकाबले के विजेता को डेविस कप 2020 क्वालीफायर खेलने का मौका मिलेगा जिसमें विजयी रहने वाली टीम विश्व ग्रुप खेलेगी.