हैदराबाद: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ का ऐसा कहना है कि पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सौरव गांगुली को एक कप्तान के रूप में तैयार करने में एक बड़ा हाथ निभाया. लतीफ के अनुसार अजहरुद्दीन ने गांगुली के अंदर लीडरशीप क्वॉलिटी के गुण डाले और उसी परंपरा को महेंद्र सिंह धोनी ने ना सिर्फ अपनाया बल्कि भारतीय क्रिकेट को ऊंचाइयों तक पहुंचाने का भी काम किया.
एक यूटयूब चैनल से बातचित के दौरान राशिद लतीफ ने मोहम्मद अजहरुद्दीन की तारीफों के जमकर पुल बांधे. लतीफ ने कहा, ''अजहरुद्दीन की बहुत इज्जत करता हूं. उन्होंने भारतीय क्रिकेट की काफी लंबे समय तक सेवा की और फिर सौरव गांगुली जैसे कप्तान के लिए विरासत छोड़ी. सौरव गांगुली को कप्तान के रूप में तैयार करने में अजहर की बड़ी भूमिका थी. सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे महान खिलाड़ी सौरव गांगुली की कप्तानी में खेले.''
1992 में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले सौरव गांगुली ने मोहम्मद अजहरुद्दीन की अगुवाई में कुल 53 वनडे और 12 टेस्ट मैच खेले. राशिद ने आगे कहा कि धोनी की कप्तानी में गांगुली और अजहरुद्दीन दोनों के लीडरशीप गुण मौजूद थे. लतीफ के अनुसार गांगुली को एक कप्तान के रूप में तैयार करने का श्रेय अजहर और धोनी को तैयार करने का श्रेय गांगुली को जाता है.
पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने कहा, ''अजहरुद्दीन ने गांगुली को तैयार किया और धोनी ने अजहरुद्दीन और गांगुली की खूबियां लेकर आधुनिक क्रिकेट के अनुसार अपना स्टाइल तैयार किया. उन्हें अपनी टीम के मैच जीतने की खूबी में यकीन था. धोनी ने टीम में जीत की मानसिकता पैदा की.''
15 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय स्तर से संन्यास लेने वाले एमएस धोनी की राशिद लतीफ ने खूब प्रशंसा की और तारीफ करते हुए कहा, ''धोनी ने तीन वर्ल्ड कप खिताब जीते. कोई दूसरा कप्तान ऐसा नहीं कर पाया है. धोनी जैसे कप्तान रिस्क लेते हैं और अपनी टीम को आगे ले जाते हैं. धोनी ने युवा खिलाड़ियों को बढ़ावा दिया. उसने क्रिकेटरों को अपने चरित्र के हिसाब से ढाला. इस तरह के कप्तान अपने खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भरते हैं.''
धोनी आईसीसी की तीनों ट्रॉफी जीतने वाले एकमात्र कप्तान भी है. धोनी ने हर एक फॉर्मेट में कुल मिलाकर 332 मैचों में टीम इंडिया की अगुवाई की और इस दौरान टीम ने 178 में जीत का स्वाद चखा जबकि 120 में हार का मुंह देखना पड़ा.