अगरतला: त्रिपुरा में अगरतला नगर निगम (एएमसी) ने बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के कब्रिस्तानों को संरक्षित करने की घोषणा की है. यह जानकारी अगरतला नगर निगम (एएमसी) के मेयर दीपक मजूमदार ने बुधवार को दी. त्रिपुरा में अगरतला नगर निगम (एएमसी) ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए उनके बलिदान को मान्यता देने के लिए बांग्लादेशी स्वतंत्रता सेनानियों के सामूहिक दफन स्थलों को संरक्षित करने का निर्णय लिया है. अगरतला शहर के पास जॉयनगर कब्रिस्तान है, जो भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
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एएमसी मेयर दीपक मजूमदार के नेतृत्व में अगरतला जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों की एक टीम ने जोयनगर कब्रिस्तान का दौरा किया और वर्तमान स्थिति का जायजा लिया. दीपक मजूमदार ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक स्थल है. बांग्लादेश की मुक्ति के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बांग्लादेशी स्वतंत्रता सेनानियों को यहीं दफनाया गया था. इसको संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है. इस दौरान मजूमदार ने त्रिपुरा में क्षेत्र के स्थानीय समुदाय प्रमुखों से भी बात की. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हिंदू और मुस्लिम आबादी के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का एक आदर्श उदाहरण है. यहां रहने वाले लोग धार्मिक सद्भाव और शांति के लिए एक प्रेरणा हैं. त्रिपुरा के अगरतला शहर में लगभग आठ से नौ ऐसे कब्रिस्तान हैं जहां बांग्लादेशी स्वतंत्रता सेनानियों को शहादत के बाद सामूहिक रूप दफन किया गया था.